नेवल वेपन्स एंड मिसाइल टेक्नोलॉजी कोर्स (एनडब्ल्यू एंड एमटीसी-66) का समापन पुणे स्थित मिलिट्री इंस्टिट्यूट ऑफ ट्रेनिंग (मिलिट) में हुआ। इस कोर्स में भारतीय नौसेना के 17 अधिकारियों और छह मित्र विदेशी देशों के 13 अधिकारियों ने भाग लिया।
यह कोर्स नौसैनिक हथियारों और मिसाइल प्रणालियों से जुड़े तकनीकी विषयों तथा समकालीन प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित रहा। इसमें व्यावहारिक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया, ताकि तकनीकी ज्ञान को परिचालन परिस्थितियों में लागू करने की समझ विकसित हो सके।
कुल 30 अधिकारियों ने इस पाठ्यक्रम में भाग लिया। इसमें भारतीय नौसेना के 17 अधिकारी और छह मित्र विदेशी देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 13 अधिकारी शामिल थे। इस सहभागिता ने भारत और साझेदार देशों के अधिकारियों के बीच व्यावसायिक संवाद का मंच भी उपलब्ध कराया।
कोर्स के समापन पर मिलिट के कमांडेंट मेजर जनरल नवीन थापलियाल ने समापन संबोधन दिया। उन्होंने भाग लेने वाले अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रौद्योगिकी के तेज़ी से बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला।
मेजर जनरल नवीन थापलियाल ने कहा कि तकनीक अभूतपूर्व गति से बदल रही है और अधिकारियों को व्यावसायिक जिज्ञासा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों से परिचालन सीमाओं के भीतर रहते हुए तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करने का आग्रह किया।
कमांडेंट ने निरंतर अध्ययन और व्यावसायिक उत्कृष्टता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने पूरे करियर के दौरान अपने पेशेवर ज्ञान को विकसित करते रहना चाहिए और तकनीकी परिवर्तनों के प्रति सजग रहना चाहिए।
समापन संबोधन में सेवा को सर्वोपरि रखने के सिद्धांत को भी रेखांकित किया गया। इसके माध्यम से तकनीकी और परिचालन दक्षता के साथ-साथ व्यावसायिक जिम्मेदारी के महत्व को भी सामने रखा गया।
एनडब्ल्यू एंड एमटीसी-66 का समापन ऐसे कोर्स के रूप में हुआ, जिसने तकनीकी विषयों और समकालीन प्रौद्योगिकियों को व्यावहारिक उपयोग से जोड़ा। भारतीय नौसेना और छह मित्र विदेशी देशों के अधिकारियों की भागीदारी ने व्यावसायिक संवाद और अनुभव-विनिमय का अवसर भी प्रदान किया।
कोर्स का समापन निरंतर अध्ययन, तकनीक के जिम्मेदार उपयोग, व्यावसायिक उत्कृष्टता और सेवा को सर्वोपरि रखने के संदेश के साथ हुआ, ताकि अधिकारी बदलते परिचालन परिवेश की चुनौतियों का सामना कर सकें।