छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में नारायणपुर पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की 29वीं बटालियन ने संयुक्त खोज और क्षेत्र-शोधन अभियान के दौरान सात इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक उपकरण बरामद किए। बम निरोधक दस्ते ने इन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया।
यह अभियान रायनार शिविर से फैले मकसोली–भटबेड़ा–रैनार क्षेत्र में चलाया गया। इसकी निगरानी पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, आईटीबीपी 29वीं बटालियन के कमांडेंट अभिषेक सूद और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (संचालन) अक्षय सबद्रा ने की।
भटबेड़ा क्षेत्र में तलाशी 5 अक्टूबर 2026 को शुरू की गई थी। कर्मियों ने कुछ संदिग्ध वस्तुएं देखीं, क्षेत्र को सुरक्षित किया और आसपास के इलाके की विस्तृत छानबीन की। एक संदिग्ध गुप्त भंडार से छह प्रेशर-कुकर आईईडी और एक पाइप-बम आईईडी बरामद किए गए।
मौके से निर्माण सामग्री भी जब्त की गई। इनमें एक मल्टीमीटर, एक पेचकस, एक सोल्डरिंग तार, एक सोल्डरिंग आयरन और तीन वाहन खोलने की चाबियां शामिल थीं। बम खोज एवं निष्क्रियकरण दस्ते ने सहायक उप निरीक्षक मोहन के नेतृत्व में निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विस्फोटकों को वहीं नष्ट कर दिया।
अधिकारियों ने इस बरामदगी को नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी की सतत सतर्कता तथा समन्वय का परिणाम बताया। उनका कहना था कि वन क्षेत्र में लगातार चल रही तलाशी से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ के सुदूर इलाकों में विस्फोटक रखने या छिपाने के लिए राष्ट्रविरोधी तत्वों को जगह न मिले, इसके लिए इस तरह के अभियान आवश्यक हैं। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना निकटतम पुलिस या सुरक्षा चौकी को दें।
अबूझमाड़, जो मुख्य रूप से नारायणपुर और आसपास के जिलों में फैला है, लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद का संवेदनशील गलियारा रहा है। संयुक्त पुलिस और आईटीबीपी अभियानों के दौरान इस क्षेत्र में छिपे भंडारों से प्रेशर-कुकर और पाइप आईईडी बार-बार बरामद किए गए हैं। इस बरामदगी के मामले में किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।