श्रीमती महालक्ष्मी सुब्रमणि, अध्यक्ष DWWA, ने NSG प्रशिक्षण अकादमी, मानेसर में चल रहे प्रथम महिला कमांडो रूपांतरण कोर्स की प्रशिक्षुओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजर रही महिलाओं का उत्साहवर्धन किया और उनका समर्थन जताया।
यह मुलाकात उन महिलाओं को प्रोत्साहन देने पर केंद्रित रही, जो विशेष कमांडो भूमिकाओं के लिए तैयार हो रही हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने की दिशा में प्रशिक्षण ले रही हैं।
प्रथम महिला कमांडो रूपांतरण कोर्स में 15 संगठनों की 205 महिलाएँ शामिल हैं। ये प्रशिक्षु NSG प्रशिक्षण अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, ताकि वे कठिन कमांडो भूमिकाएँ निभाने के लिए तैयार हो सकें।
श्रीमती महालक्ष्मी सुब्रमणि की प्रशिक्षुओं से बातचीत को उनके प्रशिक्षण के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन के रूप में देखा गया। उनके समर्थन को इस कोर्स से गुजर रही महिलाओं के संकल्प को मजबूत करने वाला बताया गया।
NSG प्रशिक्षण अकादमी में दिया जा रहा प्रशिक्षण प्रतिभागियों में उन क्षमताओं के विकास पर केंद्रित है, जो उन्हें कमांडो भूमिकाएँ निभाने में सक्षम बनाएँगी। यह कोर्स कई संगठनों की महिलाओं को साथ लेकर चलने वाली एक अग्रणी प्रशिक्षण पहल के रूप में सामने आया है।
यह कार्यक्रम भारत सरकार के महिला-नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप भी है। इसमें भाग ले रही महिलाएँ अपनी भूमिकाओं के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने की तैयारी कर रही हैं।
अकादमी में विशेष प्रशिक्षण और प्रशिक्षुओं को मिला समर्थन, दोनों मिलकर क्षमता निर्माण और कठिन सुरक्षा भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित इस प्रयास को रेखांकित करते हैं।
205 महिलाओं और 15 संगठनों की भागीदारी वाला यह प्रथम कोर्स महिलाओं को कमांडो जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण पहल माना जा रहा है।