राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने कूचबिहार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक खुफिया-आधारित अभियान के दौरान लगभग 8.3 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 12.37 करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
यह अभियान 5 अक्टूबर 2026 को डीआरआई अधिकारियों की लगातार निगरानी के बाद चलाया गया। मिली खुफिया जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने चौधुरीहाट से कूचबिहार को जोड़ने वाले मार्ग पर निगरानी बढ़ाई।
अभियान के दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार व्यक्तियों को रोका गया। तलाशी लेने पर दो लोगों द्वारा पहनी गई विशेष रूप से सिलवाई गई कपड़े की कमरपट्टियों में छिपे सोने के बिस्कुट बरामद हुए।
चारों व्यक्तियों के पास से कुल 72 सोने के बिस्कुट मिले, जिनमें से प्रत्येक का वजन 116 ग्राम था। बरामद सोना विदेशी मूल का पाया गया और इसका कुल वजन लगभग 8.3 किलोग्राम तथा मूल्य करीब 12.37 करोड़ रुपये आंका गया।
जब्त सोने को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के संबंधित प्रावधानों के तहत कब्जे में ले लिया गया। बरामदगी के बाद चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
डीआरआई के अनुसार, यह कार्रवाई कूचबिहार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के आसपास लंबे समय से की जा रही गुप्त निगरानी का परिणाम थी। अभियान का उद्देश्य सीमा पार गलियारे के जरिए विदेशी मूल के सोने की आवाजाही को रोकना था।
तलाशी के दौरान ही दो व्यक्तियों की विशेष कमरपट्टियों में छिपाए गए सोने के बिस्कुट पकड़े गए। एजेंसी ने कहा है कि वह सीमा पार रास्तों से संचालित संगठित सोना तस्करी नेटवर्क को तोड़ने और इसमें शामिल बड़े गिरोहों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मामले में आगे की जांच जारी है। जांच में जब्त विदेशी मूल के सोने की आवाजाही से जुड़ी परिस्थितियों और कथित तस्करी गतिविधि से जुड़े व्यापक नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी।