जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ के एक अग्रिम चौकी पर तैनात कांस्टेबल राजलक्ष्मी, जिन्हें राज लक्ष्मी भी बताया गया है, घायल हो गईं। यह घटना आर एस पुरा सेक्टर में बीओपी सुशील पर लगभग तीन बजे की बताई गई है।
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि गोली उनकी अपनी सेवा राइफल से चली और परिस्थितियों की पुष्टि अभी की जानी बाकी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
उन्हें पहले आर एस पुरा के उप-मंडलीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में विशेष उपचार के लिए जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। स्थानीय रिपोर्टों में कहा गया कि गोली उनके सीने में लगी और उन्हें गंभीर हालत में लाया गया था।
पीटीआई की शाम 5.30 बजे दाखिल रिपोर्ट के अनुसार उन्हें गंभीर रूप से घायल बताया गया था। उस समय उनकी आगे की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं थी।
एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “यह कहना जल्दबाजी होगी कि कांस्टेबल ने जानबूझकर हथियार चलाया या यह दुर्घटनावश चली गोली थी।” सटीक घटनाक्रम जानने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
दैनिक जागरण ने आर एस पुरा से रिपोर्ट करते हुए उन्हें बीएसएफ की 7वीं बटालियन की जवान बताया और कहा कि वे सुशील बॉर्डर पोस्ट पर तैनात थीं तथा घटना के समय ड्यूटी पर थीं। अखबार के अनुसार वह तमिलनाडु की रहने वाली बताई जाती हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बीएसएफ की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया था और सुरक्षा एजेंसियां जानकारी जुटाने में लगी थीं। हालांकि ये बातें पीटीआई के विवरण में पुष्ट नहीं की गई हैं।
उपलब्ध रिपोर्टों में इस घटना को सीमा पार से हुई गोलीबारी या पाकिस्तान रेंजर्स की कार्रवाई नहीं बताया गया है। इसे अभी चौकी पर कांस्टेबल के अपने हथियार से चली गोली के मामले के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी वजह जांच के अधीन है।
आर एस पुरा जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है और बीएसएफ के अधीन है। इस सेक्टर में पहले भी संघर्षविराम उल्लंघन और गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की घटनाएं भी शामिल हैं।