मणिपुर में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक हवलदार पर हरियाणा के रोहतक जिले के बाहु अकबरपुर गांव में अपने घर पर धारदार हथियार से पत्नी की हत्या करने का आरोप लगा है। यह घटना शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 की शाम की बताई जा रही है।
आरोपी की पहचान सोमबीर, जिसे कुछ रिपोर्टों में सोमवीर भी लिखा गया है, के रूप में हुई है। वह सीआरपीएफ में हवलदार है और सूबे सिंह का बेटा है। मृतका उसकी पत्नी मनीषा थी, जिनकी उम्र 36 वर्ष बताई गई है, हालांकि एक रिपोर्ट में 37 वर्ष भी दर्ज है। मनीषा बाहु अकबरपुर की रहने वाली थीं और उनकी शादी 2009 में सोमबीर से हुई थी।
दंपती की दो बेटियां हैं, अनिषा और चक्षु। परिवार में कोई बेटा नहीं था। मनीषा मूल रूप से इस्माइलपुर या इस्माइला गांव की रहने वाली थीं। रिपोर्टों के अनुसार सोमबीर 21 अक्टूबर को पत्नी को बिना बताए गांव लौटा था और उसे चौंकाने की मंशा से आया था।
बताया गया है कि वह गांव की एक गली में छिपा हुआ था, तभी मनीषा ने उसे देख लिया और अपनी बेटी से उसे घर बुलाने को कहा। शुक्रवार शाम करीब 6:45 बजे घरेलू विवाद बढ़ गया और आरोप है कि सोमबीर ने मनीषा पर चाकू या किसी धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उनकी गर्दन पर गंभीर चोटें आईं और एक रिपोर्ट में पेट के दाहिने हिस्से में चाकू लगने का भी उल्लेख है।
गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद मनीषा मदद के लिए पड़ोसियों तक पहुंचीं। उन्हें रोहतक के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना गांव में निर्माणाधीन मकान के पास या उसके आसपास हुई बताई जा रही है।
हमले के बाद सोमबीर मौके से फरार हो गया और वह अब तक फरार है। बाहु अकबरपुर पुलिस के प्रभारी जसबीर या जसबीर सिंह मौके पर पहुंचे, शव को कब्जे में लिया, साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को बुलाया और हत्या का मामला दर्ज किया। शनिवार को पोस्टमार्टम किया गया।
जांच में पूर्व घरेलू उत्पीड़न के आरोपों को भी देखा जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में डीएसपी तनुज शर्मा के भी जांच से जुड़े होने की बात कही गई है। मनीषा के भाई नरेंद्र या नरेंद्र ने आरोप लगाया है कि केवल बेटियां होने को लेकर लंबे समय से घरेलू प्रताड़ना होती थी।
नरेंद्र का कहना है कि सोमबीर की मां कमलेश मनीषा को बेटा न होने पर ताने देती थीं और सोमबीर की दूसरी शादी कराने की बात करती थीं। कमलेश और सोमबीर के छोटे भाई मोनू से जुड़े विवादों के कारण मनीषा करीब एक साल तक अपने मायके में रहीं। बाद में यह आश्वासन मिलने पर कि प्रताड़ना बंद हो जाएगी, वे वापस आईं, लेकिन आरोप है कि परेशानी जारी रही।
इसके बाद मनीषा अपनी बेटियों के साथ किराए के मकान में अलग रहने लगी थीं। नरेंद्र ने अपनी पुलिस शिकायत में सोमबीर, कमलेश और मोनू के नाम लिए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम फोन पर सोमबीर ने मनीषा को धमकी दी थी कि, “दरवाजा खोलो, मैं आज तुम्हें मार दूंगा।” यह कॉल बेटी अनिषा ने उठाया था और धमकी पीछे से सुनी गई।
नरेंद्र जब गांव पहुंचे तो घर पर ताला लगा मिला और बाद में उन्हें पीजीआईएमएस में मनीषा की मौत की जानकारी मिली। उन्होंने यह भी दावा किया है कि सोमबीर को स्वतंत्रता दिवस पर मणिपुर में एक अभियान के दौरान चार आतंकवादियों को मारने के लिए सम्मानित किया गया था, हालांकि सीआरपीएफ या स्थानीय पुलिस ने इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
गांव के बारे में अन्य रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि वहां सुरक्षा बलों में सेवा देने वाले लोगों की संख्या अधिक है। पुलिस सोमबीर की तलाश कर रही है और घटना की पूरी कड़ी तथा उसके पीछे के कारणों की जांच जारी है। 24 अक्टूबर 2026 तक गिरफ्तारी को लेकर कोई नई जानकारी सामने नहीं आई थी।
यह विवरण द स्टेट्समैन, दैनिक ट्रिब्यून, दैनिक भास्कर, अमर उजाला और अन्य स्थानीय स्रोतों की समकालीन रिपोर्टिंग पर आधारित है। शुरुआती रिपोर्टों में घावों की सटीक प्रकृति को लेकर कुछ अंतर भी बताए गए हैं, जो फॉरेंसिक जांच पूरी होने से पहले सामान्य है।