केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की सेवा में एक वर्ष का विस्तार मंजूर कर दिया है। वह 31 अक्टूबर 2027 तक, या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, इस पद पर बने रहेंगे। उनका वर्तमान कार्यकाल 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त होना था।
आधिकारिक सूचना के अनुसार, समिति ने श्री राजेश कुमार सिंह, भारतीय प्रशासनिक सेवा (केरल:1989) के अधिकारी, के रक्षा मंत्रालय में सचिव पद पर 31.10.2026 के बाद एक वर्ष की सेवा-वृद्धि को मंजूरी दी है। यह विस्तार एफआर 56(डी) और अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 के नियम 16(1ए) में छूट देते हुए दिया गया है।
राजेश कुमार सिंह 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं और केरल संवर्ग से आते हैं। उन्होंने 1 नवंबर 2024 को रक्षा सचिव का कार्यभार संभाला था और गिरिधर अरमाने का स्थान लिया था। इससे पहले वे 20 अगस्त 2024 से विशेष कार्य अधिकारी के रूप में, यानी रक्षा सचिव-नामित के तौर पर, कार्य कर रहे थे।
उनकी नियुक्ति के समय उनकी सेवा सामान्य सेवानिवृत्ति आयु से आगे बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 तक की गई थी। इसके अलावा, 31 मई 2026 से उन्हें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अध्यक्ष और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया। यह दायित्व समीर वी कामत का कार्यकाल पूरा होने के बाद दिया गया था।
रक्षा मंत्रालय में आने से पहले राजेश कुमार सिंह ने अप्रैल 2023 से अगस्त 2024 तक उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव के रूप में कार्य किया। इससे पहले वे पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव रहे। केरल सरकार में वे वित्त सचिव और शहरी विकास सचिव भी रह चुके हैं।
उनकी अन्य केंद्रीय जिम्मेदारियों में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, शहरी विकास मंत्रालय और भारतीय खाद्य निगम में मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में कार्य शामिल रहा है। इस विस्तार से रक्षा मंत्रालय को प्रशासनिक निरंतरता मिलेगी, जबकि मंत्रालय आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण, तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और शोध एवं विकास में संस्थागत बदलावों पर काम कर रहा है।