ब्रिगेडियर एन बालामुरुगन ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रोजेक्ट विजयक के मुख्य अभियंता का कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने 2 नवंबर 2026 को ब्रिगेडियर राहुल ओबेरॉय की जगह यह जिम्मेदारी संभाली, जिन्होंने परियोजना में दो वर्ष का कार्यकाल पूरा किया है।
कारगिल मुख्यालय वाला प्रोजेक्ट विजयक लद्दाख के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में रणनीतिक सड़कों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाता है। इसका कार्यक्षेत्र जोजिला दर्रे से लेकर सियाचिन क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्गों तक फैला है। ये सड़कें सैन्य इकाइयों, स्थानीय आबादी और जरूरी आपूर्ति की आवाजाही के लिए अहम हैं।
अपने दो वर्ष के कार्यकाल में ब्रिगेडियर राहुल ओबेरॉय ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और रखरखाव का नेतृत्व किया। यहां अत्यधिक ठंड, कठिन भूभाग और निर्माण कार्य के लिए सीमित समय के बीच रणनीतिक मार्गों को चालू रखना बड़ी चुनौती है।
कार्यभार संभालने पर ब्रिगेडियर एन बालामुरुगन ने गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और इंजीनियरिंग के उच्च मानकों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए निरंतर निर्माण कार्य और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया, ताकि सड़क नेटवर्क सशस्त्र बलों की परिचालन और रसद जरूरतों को पूरा करता रहे।
प्रोजेक्ट विजयक के तहत आने वाली सड़कें सैनिकों की आवाजाही और रसद तैयारियों के साथ ही दूरस्थ बस्तियों को महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थानों से जोड़ती हैं। इनमें जोजिला मार्ग खास अहमियत रखता है, जो कश्मीर घाटी को कारगिल और लद्दाख के अन्य हिस्सों से जोड़ता है। भारी बर्फबारी, भूस्खलन और खराब मौसम के बीच इस मार्ग पर भरोसेमंद आवाजाही बनाए रखने के लिए लगातार इंजीनियरिंग कार्य जरूरी होते हैं।
क्षेत्र में बीआरओ के सड़क निर्माण और रखरखाव से दूरदराज के समुदायों को भी लाभ मिलता है। बेहतर सड़क संपर्क जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाता है, परिवहन की सुविधा बढ़ाता है और इन इलाकों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ता है।