लखनऊ छावनी में ड्यूटी के दौरान करंट लगने से आर्मी मेडिकल कोर (एएमसी) के जवान योगेंद्र राणा की मौत हो गई। 30 वर्षीय राणा गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की तड़के दिवाली की सजावट का काम कर रहे थे। वह उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बाबरी थाना क्षेत्र के कैड़ी गांव के रहने वाले थे। इस गांव को केडी भी कहा जाता है। उनके पिता का नाम अजय राणा है।
रिपोर्टों के अनुसार, राणा लखनऊ की एडम बटालियन में तैनात थे। सुबह करीब चार बजे सजावट करते समय लोहे के एक एंगल के पास उनका हाथ झालर के करंट प्रवाहित तार से छू गया। तेज झटका लगने से वह गिर पड़े। बाद में वहां मौजूद जवानों ने उन्हें देखा और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। उन्हें कमांड अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
योगेंद्र राणा 2019 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और 2020 में उनकी शादी हुई थी। परिवार में पत्नी शिखा, चार साल की बेटी आराध्या और दो साल का बेटा अभिमन्यु हैं। पति की मौत की खबर सुनकर शिखा बेहोश हो गईं। साथी जवानों के मुताबिक, उत्कृष्ट कार्य के लिए राणा को पिछले वर्ष सेवा पदक मिला था।
राणा की मौत की खबर से उनके पैतृक गांव में शोक छा गया। शुक्रवार शाम उनका पार्थिव शरीर कैड़ी गांव पहुंचा, जहां परिजन और ग्रामीण जुटे। छोटे भाई आशुतोष ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे गांव में नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कैंट थानाध्यक्ष गुरप्रीत कौर के अनुसार, परिवार ने घटना को लेकर पुलिस में कोई शिकायत नहीं दी है। हादसे की परिस्थितियों या किसी जांच के बारे में फिलहाल कोई और आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।