नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026: वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। उनके साथ पत्नी अर्चना दीक्षित भी मौजूद थीं।
राष्ट्रपति सचिवालय ने राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट के जरिए मुलाकात की पुष्टि की। पोस्ट के साथ इस भेंट की एक तस्वीर भी साझा की गई।
एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने 31 अक्टूबर 2026 को वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लिया, जो चार दशक से अधिक की सेवा के बाद उसी दिन सेवानिवृत्त हुए थे। पदभार संभालने के बाद सैन्य प्रमुखों की राष्ट्रपति से मुलाकात स्थापित प्रोटोकॉल का हिस्सा है। भारतीय संविधान के तहत राष्ट्रपति सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर हैं।
अर्चना दीक्षित एयर फोर्स फैमिलीज वेलफेयर एसोसिएशन (AFFWA) की अध्यक्ष हैं। इस तरह की मुलाकातें वायुसेना के वरिष्ठ नेतृत्व को सर्वोच्च कमांडर के समक्ष अभियान संबंधी तैयारियों, क्षमता विकास और वायुसैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण से जुड़े विषय रखने का अवसर देती हैं।
परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, वायु सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित लड़ाकू पायलट हैं। उन्हें मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, जगुआर, हॉक और तेजस सहित कई विमानों पर 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। छह दिसंबर 1986 को वायुसेना की लड़ाकू शाखा में कमीशन प्राप्त करने वाले दीक्षित प्रायोगिक परीक्षण पायलट और योग्य उड़ान प्रशिक्षक भी हैं।
उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर में भाग लिया है। वायुसेना प्रमुख बनने से पहले वह मध्य वायु कमान के प्रमुख, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के अधीन एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख और वायुसेना उपप्रमुख जैसे पदों पर रह चुके हैं।
कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने ‘VAYU’ के तहत अपनी प्राथमिकताएं रखी थीं। इनमें सतर्कता और युद्धक तैयारी बढ़ाना तथा लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या को स्वीकृत स्तर तक बहाल करने की दिशा में काम करना शामिल है। उन्होंने सैन्य प्लेटफॉर्म, सेंसर और हथियारों में आत्मनिर्भरता, ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष जैसे उभरते क्षेत्रों में नवाचार तथा अन्य सेनाओं के साथ मिलकर काम करने पर भी जोर दिया था।
राष्ट्रपति से हुई मुलाकात में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसका कोई अतिरिक्त विवरण आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है।