आईएनएस शिवाजी में मरीन इंजीनियरिंग के दो पाठ्यक्रम पूरे करने के बाद भारतीय और विदेशी नौसेनाओं के कुल 409 प्रशिक्षु पास आउट हुए। इनमें अग्निवीर मरीन इंजीनियरिंग (एमई) कोर्स 60.958 और मित्र विदेशी नौसेनाओं के लिए बेसिक एमई ‘क्यू’ कोर्स शामिल थे।
प्रशिक्षुओं में भारतीय नौसेना के 374, भारतीय तटरक्षक बल के 31, श्रीलंकाई नौसेना के दो और मालदीव के दो कर्मी शामिल थे। आईएनएस शिवाजी के कमांडिंग ऑफिसर कमोडोर एस. पार्थिबन ने पाठ्यक्रम समापन परेड का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया।

भारतीय नौसेना के प्रमुख मरीन इंजीनियरिंग प्रशिक्षण संस्थान आईएनएस शिवाजी में इन पाठ्यक्रमों के दौरान प्रशिक्षुओं को नौसैनिक जहाजों की अहम इंजीनियरिंग प्रणालियों के संचालन और रखरखाव की जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण में तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के साथ अनुशासन, टीमवर्क, नेतृत्व और संचालन संबंधी तैयारी पर भी जोर रहता है।


श्रीलंका और मालदीव के प्रशिक्षुओं की भागीदारी हिंद महासागर क्षेत्र के मित्र देशों के साथ समुद्री सहयोग और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के भारत के प्रयासों का हिस्सा है। ऐसे प्रशिक्षण से विभिन्न समुद्री बलों के बीच पेशेवर संबंध और साथ मिलकर काम करने की क्षमता मजबूत हो सकती है।