सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने सिक्किम में त्रिशक्ति कोर की कृपाण डिवीजन की परिचालन तैयारियों और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। यह खबर सिक्किम से 7 नवंबर 2026 को जारी की गई।
दौरे के दौरान उन्हें क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, परिचालन प्राथमिकताओं और उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी गई। समीक्षा में तकनीक के इस्तेमाल, युद्धक्षेत्र में तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप युद्धक क्षमताएं विकसित करने पर ध्यान दिया गया।
ब्रीफिंग में त्रिशक्ति कोर के VIJAY विजन को साकार करने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई। इसमें तकनीक को अपनाने, परिचालन में फुर्ती और एकीकृत युद्धक क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया।

चर्चा में बदलती युद्धक्षेत्र परिस्थितियों के अनुरूप तेजी से प्रतिक्रिया देने वाली और उच्च परिचालन तत्परता बनाए रखने में सक्षम, तकनीकी रूप से उन्नत तथा अनुकूलनशील सेना की जरूरत रेखांकित की गई।

जनरल सेठ ने मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) अभियानों की पहले से तैयारी पर भी जोर दिया। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों में तेजी से प्रभावी कार्रवाई के लिए नियमित संयुक्त अभ्यास और सेना तथा नागरिक प्रशासन के बीच करीबी तालमेल की जरूरत बताई।
हिमालयी क्षेत्र का दुर्गम पहाड़ी भूभाग और भूस्खलन, बाढ़ व चरम मौसम की आशंका आपदा प्रतिक्रिया की समन्वित तैयारी को खास तौर पर अहम बनाती है। सेना प्रमुख ने अग्रिम योजना, संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य इकाइयों तथा नागरिक अधिकारियों के बीच प्रभावी संवाद पर जोर दिया।
दौरे के दौरान जनरल सेठ ने कृपाण डिवीजन के सैनिकों और अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने उनके पेशेवर रवैये, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने सभी रैंक के सैनिकों और उनके परिवारों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं और कठिन परिस्थितियों में घर से दूर तैनात सैनिकों के योगदान को सराहा।
त्रिशक्ति कोर को XXXIII कोर के नाम से भी जाना जाता है। यह भारतीय सेना की पूर्वी कमान का अहम परिचालन गठन है और पूर्वी हिमालय के रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में सैन्य तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां का कठिन भूभाग और चरम मौसम उच्च स्तर की परिचालन तत्परता और अनुकूलनशीलता की मांग करते हैं।