रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिवाली की पूर्व संध्या पर पश्चिम बंगाल के सुकना सैन्य स्टेशन में भारतीय सेना के जवानों के साथ पारंपरिक ‘बड़ा खाना’ में हिस्सा लिया। इस आयोजन में अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों और जवानों ने साथ भोजन किया।
बड़ा खाना सेना की परंपरा का हिस्सा है, जहां रैंक का अंतर पीछे छूट जाता है और सभी एक परिवार की तरह साथ आते हैं। सिंह ने इसे सैनिकों के साथ समय बिताने का सौभाग्य बताते हुए कहा कि ऐसे अवसर सेना के भाईचारे और सामूहिक भावना को दिखाते हैं।

उन्होंने पूर्वोत्तर भारत के महत्व पर भी बात की। सिंह ने इस क्षेत्र को देश का दूरस्थ सीमांत नहीं, बल्कि भारत का गौरवशाली आरंभ बताया—वह क्षेत्र जहां सबसे पहले सूर्योदय होता है और दिन की पहली रोशनी पहुंचती है।

सिंह ने घर से दूर तैनात सैनिकों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि त्योहारों पर परिवारों से दूर रहकर देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों का साहस और ऊंचा मनोबल ही नागरिकों को शांति और सुरक्षा के साथ त्योहार मनाने का भरोसा देता है। उन्होंने देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में जुटे सैनिकों को नमन किया।
7 नवंबर 2026 को सुकना दौरे के दौरान रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर की परिचालन तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्हें वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास बुनियादी ढांचे के विकास और युद्धक क्षमता मजबूत करने के लिए उन्नत सैन्य उपकरणों तथा नई तकनीकों की तैनाती के बारे में जानकारी दी गई।

सिंह 8 नवंबर को सिक्किम के शेराथांग युद्ध स्मारक जाएंगे। वहां वह देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे और क्षेत्र में तैनात जवानों से बातचीत करेंगे।