रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस बार दिवाली सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर तैनात जवानों के साथ मनाएंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत वह पश्चिम बंगाल में सैन्यकर्मियों से भी मुलाकात कर रहे हैं।
दिवाली की पूर्व संध्या पर शनिवार, 7 नवंबर 2026 को उनके कार्यक्रम में दार्जिलिंग के बागडोगरा एयरफील्ड और सिलीगुड़ी के पास सुकना में सेना के जवानों से बातचीत शामिल है। सुकना, त्रिशक्ति कोर (33 कोर) से जुड़ा एक प्रमुख सैन्य स्टेशन है। बागडोगरा हवाई अड्डे पहुंचने पर पश्चिम बंगाल के मंत्री शंकर घोष और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने उनका स्वागत किया।
रविवार, 8 नवंबर को दिवाली के दिन राजनाथ सिंह पूर्वी सिक्किम में शेराथांग युद्ध स्मारक जाएंगे। भारत-चीन सीमा पर नाथू ला दर्रे के पास स्थित इस स्मारक पर वह देश की सेवा में प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वह क्षेत्र में तैनात सैन्यकर्मियों से बातचीत करेंगे।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिवाली की पूर्व संध्या पर वह बागडोगरा एयरफील्ड और सुकना में सैन्यकर्मियों से मिलेंगे तथा अगले दिन शेराथांग युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ क्षेत्र में तैनात जवानों से संवाद करेंगे।
शेराथांग युद्ध स्मारक को ‘वाटरशेड शहीद स्मारक’ के नाम से भी जाना जाता है। यह सिक्किम में भारत-चीन सीमा की रक्षा करते हुए प्राण गंवाने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृति में बना है। इनमें 1967 की नाथू ला और चो ला झड़पों में शहीद हुए सैनिक भी शामिल हैं। यह इलाका वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के रणनीतिक रूप से संवेदनशील हिस्सों में आता है।
राजनाथ सिंह पहले भी प्रमुख त्योहार अग्रिम मोर्चों पर तैनात जवानों के साथ मनाते रहे हैं। वह आमतौर पर दशहरे पर सैन्य स्टेशनों का दौरा करते हैं, लेकिन इस वर्ष आधिकारिक विदेश यात्रा के कारण ऐसा नहीं कर सके। वर्ष 2025 में उन्होंने गुजरात के भुज सैन्य स्टेशन में जवानों के साथ दशहरा मनाया था। वहां वह पारंपरिक ‘बड़ा खाना’ और शस्त्र पूजा में शामिल हुए थे। उन्होंने भारत-पाकिस्तान सीमा के पास कई एजेंसियों का संयुक्त अभ्यास भी देखा था।
वर्ष 2024 में रक्षा मंत्री ने असम के तेजपुर स्थित 4 कोर मुख्यालय में सैनिकों के साथ दिवाली मनाई थी। उसी वर्ष वह होली पर लद्दाख के लेह सैन्य स्टेशन में जवानों के बीच पहुंचे थे।
नाथू ला सेक्टर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और चीन एलएसी पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयास कर रहे हैं। सितंबर 2026 में दोनों देशों की सेनाओं के बीच पूर्वी सेक्टर में पहली कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई थी। इसके साथ सैन्य संवाद की यह व्यवस्था पश्चिमी यानी लद्दाख सेक्टर से आगे बढ़ी।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रमुख शत्रुजीत कपूर ने हाल में बताया था कि जुलाई से एलएसी पर अरुणाचल प्रदेश सहित कई स्थानों पर भारतीय और चीनी बलों के बीच आमने-सामने आने की घटनाएं जारी रही हैं। इस बीच, छह वर्ष से अधिक समय तक बंद रहने के बाद अगस्त 2026 में नाथू ला दर्रे के रास्ते सीमा पार व्यापार फिर शुरू हुआ था।