भारतीय सेना एयरो डिफेंस कॉलेज, गोपालपुर में 12 मई, 2026 को त्रि-सेवा एंटी-RPAS कोर्स का समापन हुआ।
यह कोर्स भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और नेपाल सेना के कर्मियों द्वारा भाग लिया गया, जो संयुक्त प्रशिक्षण और क्षेत्रीय रक्षा सहयोग पर बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य त्रि-सेवाओं से नामित कर्मियों को एंटी-रेमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (Anti-RPAS) से संबंधित परिचालन ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से लैस करना था, जिसमें बिना मानवयुक्त हवाई खतरों के खिलाफ पहचान, मान्यता और उपाय शामिल थे।
कोर्स का ध्यान आधुनिक युद्ध परिदृश्यों में विकसित हो रहे ड्रोन और मानव रहित प्रणाली की चुनौतियों के प्रति इंटरेऑपरेबिलिटी, संयुक्तता और समन्वित परिचालन प्रतिक्रिया को बढ़ाना था।
लेफ्टिनेंट श्राद्धेय ठाकुर को कोर्स के दौरान उनकी उत्कृष्ट समग्र प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ छात्र के रूप में चुना गया।
यह कार्यक्रम एकीकृत एंटी-ड्रोन क्षमताओं और सहयोगात्मक प्रशिक्षण ढांचे की बढ़ती महत्वता को उजागर करता है, जो भारत की उभरती हवाई खतरों के खिलाफ तैयारी को मजबूत करने में सहायक है।