भारतीय सेना और एयर इंडिया ने एक सहयोगात्मक समझौता (Memorandum of Cooperation – MoC) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें जनरल उपेंद्र द्विवेदी, चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ (COAS) की उपस्थिति में यह समझौता किया गया। इस समझौते का उद्देश्य सेना परिवारों के कल्याण संबंधी पहलों को और मजबूत करना है।
संचालन के मूलस्तंभ
यह साझेदारी रोजगार, सशक्तिकरण और पर्यावरण के तीन मूलस्तंभों के चारों ओर बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य वीर नारियों और उनके बच्चों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर तैयार करना, व्यावसायिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और पर्यावरण के अनुकूल स्वास्थ्य देखभाल सहायता प्रणालियों को बढ़ावा देना है।
आर्थिक अवसरों का विस्तार
इस पहल के तहत, एयर इंडिया वीर नारियों के लिए 20 रोजगार के अवसर प्रदान करेगा और उनके बच्चों के लिए 40 रिक्तियां सात हवाई अड्डों पर उपलब्ध कराएगा, जिससे सैन्य परिवारों के लिए दीर्धकालिक करियर अवसर बनाए जाएंगे।
कौशल विकास और प्रशिक्षण
इसके अलावा, 25 ASHA स्कूलों में व्यावसायिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी ताकि छात्रों के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण के अवसरों को बढ़ावा दिया जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
इस सहयोग में सेना अस्पतालों में बैटरी चालित गाड़ियों का समावेश भी किया गया है, जिससे मरीजों की गतिशीलता में सुधार और सैन्य चिकित्सा सुविधाओं में स्वास्थ्य देखभाल सहायता सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके।
कल्याण के प्रति संवाद
अधिकारियों ने कहा कि यह पहल भारतीय सेना की सैन्य परिवारों के कल्याण, पुनर्वास और सशक्तिकरण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जबकि यह भी सुनिश्चित करती है कि समाधान स्थायी और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार हों।
सेना और कॉर्पोरेट क्षेत्र का सहयोग
यह साझेदारी इस बात को भी उजागर करती है कि सशस्त्र बल और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ रहा है, जिससे ветераनों, वीर नारियों और उनके परिवारों का समर्थन करने के लिए सामाजिक और विकासात्मक पहलों के माध्यम से सहायक initiatives को प्रोत्साहित किया जा रहा है।