लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी कमान ने कमान संभालने के पहले सप्ताह में अपने अल्मा मेटर, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का दौरा किया। यह उनके सैन्य सफर की शुरुआत करने वाली संस्था में एक भावनात्मक वापसी रही।
इस दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने अपने पूर्व ‘के’ स्क्वाड्रन के कैडेटों से मुलाकात की और उन्हें प्रोत्साहन भरे शब्द तथा अपने सैन्य करियर से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने नेतृत्व के लिए स्क्वाड्रन नियुक्तियों को सम्मानित भी किया और कैडेटों को मिठाइयां बांटीं।
उन्होंने भविष्य के सैन्य नेताओं को संबोधित करते हुए अनुशासन, ईमानदारी और पेशेवर आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों के मूल मूल्यों और आदर्शों को अपनाने पर जोर दिया।
यह दौरा इस बात की प्रेरक याद दिलाने वाला रहा कि सच्चा नेतृत्व विनम्रता, कृतज्ञता और अपनी जड़ों को याद रखने में निहित होता है। यह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और उससे निकलने वाले नेताओं के बीच आजीवन संबंध को भी दर्शाता है।