गोवा के कंकोना स्थित मुथल-सडोलक्सेम की 23 वर्षीय अभिदा बारेट्टो ने एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने पुणे स्थित Armed Forces Medical College से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की और भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट तथा मेडिकल अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया।
सैन्य पृष्ठभूमि से न आने के बावजूद बारेट्टो का रुझान शुरू से ही सशस्त्र बलों की अनुशासनप्रियता और उद्देश्यपूर्ण सेवा की ओर था। स्कूल के दिनों में एक सेना अधिकारी को वर्दी में देखकर उन पर गहरा प्रभाव पड़ा था, जिसने आगे चलकर राष्ट्रसेवा का मार्ग चुनने की प्रेरणा दी।
बारहवीं कक्षा के दौरान उनके शिक्षकों ने उन्हें Armed Forces Medical College के बारे में बताया। वहीं से उन्होंने चिकित्सा और राष्ट्रीय सेवा को एक साथ जोड़ने के अपने लक्ष्य को स्पष्ट रूप दिया और उसी दिशा में तैयारी शुरू की।
इस लक्ष्य को पाने के लिए अभिदा बारेट्टो ने NEET की तैयारी में स्वयं को पूरी तरह समर्पित किया। उनकी मेहनत और लगन का परिणाम यह रहा कि उन्होंने NEET 2021 में गोवा में पहला स्थान प्राप्त किया।
उनकी इस उपलब्धि का उनके गृह नगर में व्यापक स्वागत हुआ। कंकोना नगर परिषद ने उन्हें सम्मानित कर क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए बधाई दी।
AIIMS और JIPMER जैसे देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में अवसर मिलने के बावजूद बारेट्टो ने AFMC पुणे को चुना। यह निर्णय केवल शैक्षणिक नहीं था, बल्कि डॉक्टर के साथ भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में सेवा करने की उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक भी था।
AFMC में उनके वर्षों का सफर शैक्षणिक उत्कृष्टता और पेशेवर उपलब्धियों से भरा रहा। चिकित्सा शिक्षा के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें 2025 में प्रतिष्ठित मेजर जनरल एन डी पी करानी ट्रॉफी प्रदान की गई।
उन्होंने अपने बैच की दूसरी सर्वश्रेष्ठ महिला छात्रा के रूप में स्नातक किया। साथ ही, शरीर रचना, शरीर क्रिया विज्ञान, बाल रोग और औषधि विज्ञान में स्वर्ण पदक भी हासिल किए, जो उनकी शैक्षणिक क्षमता और समर्पण को दर्शाते हैं।
एमबीबीएस कार्यक्रम पूरा करने और भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त करने के बाद अब अभिदा बारेट्टो जम्मू में इंटर्नशिप करने की तैयारी कर रही हैं। यहां वे अपने चिकित्सकीय प्रशिक्षण को आगे बढ़ाते हुए सैन्य सेवा की जिम्मेदारियों को भी निभाएंगी।
उनकी यह नियुक्ति स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रसेवा के संगम पर आधारित एक करियर की शुरुआत है। भारतीय सशस्त्र बलों में मेडिकल अधिकारी सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कंकोना के लोगों के लिए अभिदा बारेट्टो की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है। गोवा के एक छोटे कस्बे से भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त अधिकारी बनने तक का उनका सफर दृढ़ संकल्प, शैक्षणिक उत्कृष्टता और उद्देश्यपूर्ण सेवा का प्रतीक बन गया है।
वर्दी में उनके करियर की शुरुआत के साथ ही उनकी कहानी उन युवा भारतीयों के लिए प्रेरणा बनती है, जो पेशेवर उत्कृष्टता के साथ देशसेवा को भी साथ लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं। उनका सफर यह दिखाता है कि लगन, परिश्रम और बड़े लक्ष्यों के प्रति समर्पण असाधारण उपलब्धियों का मार्ग खोल सकते हैं।