भारतीय तटरक्षक बल के 42 सहायक कमांडेंट्स ने कोचीन स्थित तटरक्षक प्रशिक्षण केंद्र से 82वें तटरक्षक विधि एवं संचालन पाठ्यक्रम के पासिंग आउट परेड के बाद सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। यह परेड 4 अगस्त 2026 को आयोजित हुई, जिसके साथ एक कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य देश के विशाल समुद्री क्षेत्र में परिचालन दायित्वों के लिए युवा अधिकारियों को तैयार करना था।
पासिंग आउट परेड का निरीक्षण उप महानिरीक्षक आशीष मेहरोत्रा, कमांडर, तटरक्षक जिला मुख्यालय संख्या 4, केरल एवं माहे ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर अधिकारियों को बधाई दी और उनकी अनुशासन, पेशेवर दक्षता तथा भारतीय तटरक्षक बल के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
समारोह का प्रमुख आकर्षण सहायक कमांडेंट तanuj कुमार को प्रतिष्ठित महानिदेशक तलवार सम्मान प्रदान किया जाना रहा। उन्होंने समग्र योग्यता क्रम में पहला स्थान हासिल किया। यह सम्मान प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट सर्वांगीण प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता और शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए दिया जाता है।
82वें विधि एवं संचालन पाठ्यक्रम में समुद्री कानून प्रवर्तन, तटरक्षक अभियानों और तटीय सुरक्षा से जुड़ा व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को समुद्री विधि, जहाज पर चढ़ाई की कार्रवाइयों, खोज एवं बचाव प्रक्रिया, पर्यावरण संरक्षण, तस्करी-रोधी अभियानों, समुद्री निगरानी और परिचालन योजना की विशेष शिक्षा दी गई।
पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद नव नियुक्त सहायक कमांडेंट्स अब भारतीय तटरक्षक बल की विभिन्न इकाइयों में परिचालन तैनाती के लिए तैयार हैं। इसके बाद वे तटरक्षक जहाजों पर वॉचकीपिंग प्रमाणन प्राप्त करेंगे, जिससे उन्हें समुद्र में परिचालन कमान की जिम्मेदारियां निभाने और समुद्री सुरक्षा अभियानों में प्रत्यक्ष योगदान देने में मदद मिलेगी।
भारतीय तटरक्षक बल भारत के समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह तटीय सुरक्षा, खोज एवं बचाव, तस्करी-रोधी अभियान, प्रदूषण प्रतिक्रिया, मत्स्य संरक्षण और मानवीय सहायता अभियानों का संचालन करता है। इन प्रशिक्षित अधिकारियों के शामिल होने से बल की परिचालन क्षमता और तत्परता और मजबूत होगी।
पासिंग आउट परेड ने एक बार फिर यह रेखांकित किया कि भारतीय तटरक्षक बल कठोर प्रशिक्षण और नेतृत्व विकास के माध्यम से पेशेवर रूप से सक्षम, तकनीकी रूप से दक्ष और परिचालन रूप से सक्षम नेतृत्व तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन 42 युवा सहायक कमांडेंट्स के करियर की शुरुआत के साथ उन पर राष्ट्र की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और कर्तव्य, सम्मान तथा निस्वार्थ सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
82वें बैच की यह दीक्षांत प्रक्रिया भारत की समुद्री सुरक्षा संरचना को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि भारतीय तटरक्षक बल बदलते सुरक्षा परिवेश में भी देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बना रहे।