लेफ्टिनेंट जनरल पवन चड्ढा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), ट्रिनिटी क्षेत्र ने दानापुर छावनी स्थित मुख्यालय झारखंड एवं बिहार उप क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परिचालन तैयारियों, प्रशिक्षण मानकों, आधारभूत संरचना के विकास और मानवीय सहायता तथा आपदा राहत क्षमता की समीक्षा की।
दौरे के दौरान जीओसी को उप क्षेत्र में प्रशिक्षण को मजबूत करने, परिचालन ढांचे को बेहतर बनाने और मानवीय सहायता तथा आपदा राहत अभियानों की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए जारी पहलों की जानकारी दी गई। उन्होंने उन उपायों की भी समीक्षा की, जिनका उद्देश्य सैन्य और नागरिक, दोनों तरह की आपात स्थितियों में तेज़ और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
बिहार रेजिमेंटल सेंटर में लेफ्टिनेंट जनरल पवन चड्ढा ने अग्निवीरों को दिए जा रहे प्रशिक्षण का आकलन किया। उन्होंने युवा सैनिकों को बदलती सैन्य जरूरतों के लिए तैयार करने में लक्ष्य-केन्द्रित प्रशिक्षण के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि शारीरिक और सामरिक दक्षता के साथ-साथ मानसिक तैयारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, ताकि सैनिक मानसिक रूप से सशक्त, अनुशासित और आत्मविश्वासी बन सकें तथा चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
कोर कमांडर ने प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण स्टाफ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, पेशेवर मार्गदर्शन और चरित्र निर्माण के व्यवस्थित दृष्टिकोण के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार सैनिकों के विकास पर संतोष व्यक्त किया।
उन्होंने प्रशिक्षण पद्धतियों में निरंतर नवाचार को जारी रखने के लिए प्रेरित किया, ताकि उन्हें युद्ध की बदलती प्रकृति और परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा सके।
दौरे के हिस्से के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल चड्ढा ने आर्मी पब्लिक स्कूल, दानापुर का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने शैक्षणिक मानकों, छात्र कल्याण पहलों और संस्थागत आधारभूत ढांचे की समीक्षा की।
उन्होंने स्कूल प्रशासन से बातचीत की और नियमित शैक्षणिक मूल्यांकन, सतत संकाय विकास तथा छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से उच्च शिक्षा मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया।
जीओसी ने छात्रों के लिए आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने हेतु समय-समय पर आधारभूत ढांचे के उन्नयन की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सैन्य क्षेत्रों में स्थित शैक्षणिक संस्थान सेवा-रत कर्मियों और पूर्व सैनिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में अपनी भूमिका लगातार निभाते रहें।
यह दौरा भारतीय सेना के उस समग्र दृष्टिकोण को दोहराता है, जिसमें कठोर सैन्य प्रशिक्षण, मानसिक दृढ़ता, शैक्षणिक उत्कृष्टता और आधारभूत ढांचे के विकास को साथ लेकर चला जाता है।
इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि सेना अपने कार्मिकों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ-साथ सैन्य परिवारों के कल्याण और विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
लेफ्टिनेंट जनरल पवन चड्ढा की यह यात्रा ट्रिनिटी क्षेत्र की उस निरंतर प्राथमिकता को दर्शाती है, जिसमें युद्ध तैयारियों को मजबूत करने, आपदा प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने और अपने दायित्व क्षेत्र के सैन्य तथा शैक्षणिक संस्थानों में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।