लेफ्टिनेंट जनरल प्रसन्न किशोर मिश्रा, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, व्हाइट नाइट कोर ने जनरल ऑफिसर कमांडिंग, क्रॉस्ड स्वॉर्ड्स डिवीजन के साथ कलिधर ब्रिगेड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अग्रिम मोर्चे पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और गठन की परिचालन तैयारियों का आकलन किया।
दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मिश्रा को मौजूदा सुरक्षा स्थिति, परिचालन तैनाती और उभरते खतरों का जवाब देने के लिए ब्रिगेड की तैयारियों की जानकारी दी गई। समीक्षा का केंद्र बिंदु गठन की युद्ध तत्परता, परिचालन व्यवस्था और प्रतिक्रिया ढांचे का सत्यापन रहा, ताकि चुनौतीपूर्ण परिचालन वातावरण में निरंतर प्रभावशीलता बनी रहे।
वरिष्ठ कमांडरों ने बल समन्वय, मिशन निष्पादन और परिचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए चल रही पहलों की जानकारी प्रस्तुत की। चर्चाओं में मिशन की प्रभावशीलता बढ़ाने, विभिन्न संरचनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और निरंतर प्रशिक्षण व तैयारी के जरिये परिचालन बढ़त बनाए रखने के उपाय शामिल रहे।
कोर कमांडर ने ब्रिगेड की व्यापक श्रेणी के परिचालन कार्यों को निभाने की तत्परता का मूल्यांकन किया। उन्होंने उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत प्रतिक्रिया क्षमता बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। आधुनिक, प्रौद्योगिकी-आधारित सैन्य अभियानों के लिए आवश्यक बल समन्वय और निर्बाध तालमेल पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों और सैनिकों से संवाद करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल प्रसन्न किशोर मिश्रा ने सभी रैंकों की व्यावसायिकता, अडिग संकल्प और ऊँचे मनोबल की सराहना की। उन्होंने कर्तव्य के प्रति समर्पण और कठिन परिस्थितियों में परिचालन उत्कृष्टता के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता की भी प्रशंसा की।
सैनिकों को संबोधित करते हुए कोर कमांडर ने उन्हें बदलते सुरक्षा परिदृश्य में मिशन के लिए तैयार, सतर्क और अनुकूल रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रशिक्षण, परिचालन तैयारी और सक्रिय दृष्टिकोण युद्ध श्रेष्ठता बनाए रखने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक हैं।
यह दौरा भारतीय सेना की कठोर प्रशिक्षण, एकीकृत अभियानों और युद्ध क्षमताओं के निरंतर मूल्यांकन के माध्यम से उच्च स्तर की परिचालन तत्परता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। साथ ही, इसने व्हाइट नाइट कोर के इस संकल्प को भी रेखांकित किया कि उसकी अग्रिम मोर्चे की इकाइयाँ किसी भी परिचालन आपात स्थिति का त्वरित और प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।