ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र में भारतीय वायु सेना स्टेशन के मुख्य द्वार के पास पेट्रोल भरी बीयर की बोतलें फेंकने की कथित कोशिश के बाद एक उच्च शिक्षित सहायक प्राध्यापक को हिरासत में ले लिया गया। मंगलवार रात 4 अगस्त 2026 को हुई इस घटना ने उच्च सुरक्षा अलर्ट को जन्म दिया और भारतीय वायु सेना, मध्य प्रदेश पुलिस तथा खुफिया एजेंसियों की संयुक्त जांच शुरू कर दी गई।
जांचकर्ताओं के अनुसार आरोपी ने खाली बीयर की बोतलों में पेट्रोल भरा, उन्हें आग लगाई और उन्हें स्टेशन के मुख्य द्वार के पास फेंकने की कोशिश की। कुछ विवरणों में इस स्थान को चंबल गेट भी कहा गया है। सतर्क भारतीय वायु सेना सुरक्षा कर्मियों ने उसे मौके पर ही काबू कर हिरासत में ले लिया, इससे पहले कि वह अपनी योजना पूरी कर पाता।
पूछताछ में उलझे हुए दावे
पूछताछ के दौरान आरोपी ने विरोधाभासी और असंगत बयान दिए। उसने बार-बार दावा किया कि भारतीय वायु सेना ने उसके मस्तिष्क को “हैक” कर लिया है और उसके विचारों तथा कार्यों को दूर से नियंत्रित कर रही है। उसके अनुसार इसी कथित नियंत्रण के कारण वह आंध्र प्रदेश से ग्वालियर आया था।
कभी वह जातिगत उत्पीड़न की बात करता रहा, तो कभी “ब्रेन-हैकिंग डिवाइस” का उल्लेख करता रहा। पुलिस के अनुसार वह धाराप्रवाह अंग्रेजी बोल रहा था और उसने खुद को सहायक प्राध्यापक बताया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव ने बताया कि उसके व्यवहार को देखते हुए उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया और बाद में मनोचिकित्सकीय जांच के लिए सरकारी मानसिक अस्पताल भेजा गया।
शिक्षा और पृष्ठभूमि
प्रारंभिक सत्यापन से पता चलता है कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के धनापुर गांव का रहने वाला है। उसे अत्यंत शिक्षित बताया गया है। उसने नोएडा से एमसीए और भोपाल स्थित मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से एमटेक किया है।
उसने लगभग 2015 में एमएएनआईटी में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश लिया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। वह हाल ही में आंध्र प्रदेश के तिरुवुरु क्षेत्र के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत था और उसने लगभग मई 2026 में वहां काम शुरू किया था। कुछ रिपोर्टों में उसका नाम राकेश कुमार बताया गया है, जिसे संभवतः बदला हुआ या अस्थायी नाम माना गया है।
पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया, जिनमें कुछ उत्तर प्रदेश पुलिस से जुड़े हैं। परिवार ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह पिछले पांच से आठ वर्षों से तंत्रिका संबंधी उपचार ले रहा था और उनसे उसका संपर्क लगभग टूट चुका था। परिजनों ने यह भी कहा कि वह विभिन्न शहरों में भटकता रहा है और पहले भी सीमा क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।
घटना की कड़ी और जांच
जांचकर्ताओं ने उसकी हाल की गतिविधियों का कुछ हिस्सा जोड़कर देखा है। बताया गया है कि आरोपी ने कॉलेज से छुट्टी ली, लगभग 2 अगस्त को आंधमान एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुआ, 3 अगस्त को ग्वालियर पहुंचा और स्टेशन क्षेत्र के पास एक स्थानीय गेस्ट हाउस में ठहरा। इसके बाद उसने बीयर की बोतलें खरीदीं, उन्हें खाली किया, कथित तौर पर पास के पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरा और मंगलवार रात लगभग 9 से 10 बजे के बीच यह कोशिश की।
भारतीय वायु सेना के कर्मियों ने उसे तुरंत हिरासत में लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में ले लिया। स्थान की संवेदनशीलता को देखते हुए खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया।
अधिकारियों ने उसकी शैक्षणिक योग्यता, रोजगार इतिहास, चिकित्सा अभिलेख, ग्वालियर में उसके ठहरने के सटीक विवरण और सामग्री प्राप्त करने के तरीके की पुष्टि करना जारी रखा है। उसके घटना तक पहुंचने की पूरी कड़ी की भी जांच की जा रही है।
स्थान की सुरक्षा संवेदनशीलता
महाराजपुरा वायु सेना स्टेशन, जिसे 40 विंग से भी जोड़ा जाता है, भारतीय वायु सेना की एक उच्च सुरक्षा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थापना है। इसका संबंध मिराज 2000 बेड़े, उन्नत युद्ध प्रशिक्षण और पूर्व संघर्षों में इसकी परिचालन भूमिका से रहा है।
यह स्थल हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचे के उन्नयन से भी गुजरा है और मध्य भारत में लड़ाकू संचालन तथा पायलट प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में इसके आसपास हुई किसी भी सुरक्षा घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया जाता है।
संयुक्त जांच जारी
भारतीय वायु सेना, मध्य प्रदेश पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त जांच जारी है। मानसिक बीमारी की चिकित्सकीय पुष्टि के बाद आरोपी को मनोचिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए भेज दिया गया है, जबकि उसके पृष्ठभूमि और घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा है कि उसकी योग्यता, रोजगार और चिकित्सा इतिहास से जुड़ी जानकारियों की फिर से जांच की जा रही है। यह मामला संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच के संबंध को भी सामने लाता है।