भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, आईपीएस ने नई दिल्ली स्थित बल मुख्यालय से माउंट कामेट और माउंट अबी गेमिन के लिए बल की पर्वतारोहण अभियान-2026 को रवाना किया।
यह अभियान 27 सदस्यीय आईटीबीपी दल द्वारा माउंट कामेट और माउंट अबी गेमिन को फतह करने का प्रयास है। माउंट कामेट की ऊंचाई 7,756 मीटर है, जबकि गढ़वाल हिमालय, उत्तराखंड में स्थित माउंट अबी गेमिन 7,355 मीटर ऊंचा है।
रवाना समारोह के दौरान महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अभियान सदस्यों से बातचीत की और कठिन मिशन के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। यह अभियान हिमालय के बेहद कठिन भूभाग और मौसमीय परिस्थितियों में दल की सहनशक्ति, तकनीकी पर्वतारोहण क्षमता, समन्वय और दृढ़ता की परीक्षा लेगा।
माउंट कामेट भारत की सबसे ऊंची चोटियों में शामिल है और अत्यधिक ऊंचाई, अनिश्चित मौसम तथा कठिन पहुंच मार्गों के कारण इसे एक बड़ी पर्वतारोहण चुनौती माना जाता है। भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित यह पर्वत लंबे समय से उच्च-ऊंचाई परिस्थितियों में अपने कौशल को परखने वाले अनुभवी पर्वतारोहियों को आकर्षित करता रहा है।
इसके निकट स्थित माउंट अबी गेमिन भी 7,355 मीटर ऊंची एक प्रमुख हिमालयी चोटी है, जिसके लिए उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता, अनुकूलन और सावधानीपूर्वक अभियान योजना की आवश्यकता होती है। एक ही अभियान में दोनों चोटियों का प्रयास इस मिशन की महत्वाकांक्षा को और स्पष्ट करता है।
27 सदस्यीय दल समुचित अनुकूलन प्रक्रिया से गुजरेगा और शिखर प्रयास से पहले क्रमिक रूप से ऊंचाई पर शिविर स्थापित करेगा। ऐसे अभियानों में ग्लेशियरों, बर्फीले मैदानों और खड़ी पर्वतीय ढलानों से होकर कर्मियों, उपकरणों, खाद्य सामग्री, संचार प्रणालियों और विशेष पर्वतारोहण उपकरणों की सावधानीपूर्वक आवाजाही शामिल होती है।
आईटीबीपी के लिए पर्वतारोहण अभियान बल की परिचालन जिम्मेदारियों से सीधे जुड़े हैं। “हिमवीर” के नाम से पहचाने जाने वाले आईटीबीपी कर्मी भारत की कठिन और सुदूर हिमालयी सीमाओं पर तैनात रहते हैं, जहां चौकियां अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित हैं और कड़ाके की ठंड, भारी बर्फबारी, हिमस्खलन तथा तेजी से बदलते मौसम के बीच काम करती हैं।
नियमित पर्वतारोहण और साहसिक गतिविधियां आईटीबीपी कर्मियों को पर्वतीय क्षेत्र में जीवित रहने, आवाजाही, बचाव और संचालन के लिए आवश्यक कौशल मजबूत करने में मदद करती हैं। उच्च-ऊंचाई अभियान अनुकूलन, दिशा-ज्ञान, ग्लेशियर पर चलने, रस्सी तकनीक और आपात प्रतिक्रिया का मूल्यवान अनुभव भी प्रदान करते हैं।
1962 में स्थापना के बाद से आईटीबीपी ने पर्वतीय युद्ध, उच्च-ऊंचाई तैनाती और आपदा प्रतिक्रिया में व्यापक विशेषज्ञता विकसित की है। इसके कर्मियों ने दशकों में हिमालय भर में कई पर्वतारोहण अभियानों में भाग लिया है और अनेक प्रमुख चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है।
बल ने हिमालयी राज्यों में हिमस्खलन, भूस्खलन, बादल फटने और अन्य आपदाओं के बाद बचाव एवं राहत कार्यों में भी अहम भूमिका निभाई है। पर्वतारोहण अभियानों से प्राप्त विशेष प्रशिक्षण दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में आपात स्थितियों के दौरान बल की प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को सीधे मजबूत करता है।
इस तरह माउंट कामेट और माउंट अबी गेमिन पर्वतारोहण अभियान-2026 केवल एक साहसिक मिशन नहीं है, बल्कि यह प्रतिभागी कर्मियों के लिए उच्च-ऊंचाई कौशल को निखारने का अवसर भी है। साथ ही यह बल से जुड़ी शारीरिक सहनशक्ति, अनुशासन और टीमवर्क को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली से औपचारिक रूप से रवाना होने के बाद 27 सदस्यीय दल अब गढ़वाल हिमालय की ओर बढ़ेगा, जहां से दोनों ऊंची चोटियों की ओर उसका सफर शुरू होगा। यह मिशन दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण उच्च-ऊंचाई वातावरणों में पेशेवर उत्कृष्टता बनाए रखते हुए मानव सहनशक्ति की सीमाओं को आगे बढ़ाने की आईटीबीपी की गौरवशाली परंपरा को जारी रखता है।