ए.वी. देशपांडे, 2006 बैच के एजीएमयूटी संवर्ग के आईपीएस अधिकारी, को राष्ट्रपति भवन में संयुक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। वे आईपीएस वीणू बंसल की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। यह बदलाव पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर लगभग 5–6 अगस्त 2026 के बीच किया गया और दिल्ली के उपराज्यपाल ने इसे मंजूरी दी। इससे पहले देशपांडे दिल्ली पुलिस में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अभियान) के रूप में कार्यरत थे और उनके पास लाइसेंसिंग का अतिरिक्त प्रभार भी था।
राष्ट्रपति भवन में संयुक्त पुलिस आयुक्त का पद दिल्ली पुलिस के सबसे संवेदनशील पदों में से एक माना जाता है। इस जिम्मेदारी में भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी तथा औपचारिक सुरक्षा का समन्वय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान प्रोटोकॉल और आवश्यकतानुसार सेना तथा विशेष सुरक्षा समूह सहित अन्य एजेंसियों के साथ निकट संपर्क शामिल होता है।
अतमाराम वासुदेव देशपांडे भारतीय पुलिस सेवा के 2006 बैच के अधिकारी हैं और उनका संवर्ग एजीएमयूटी है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। वे गोवा राज्य पुलिस सेवा से पदोन्नत होकर आए अधिकारी हैं। उन्होंने 1998 में गोवा पुलिस सेवा में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में गोवा लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रवेश किया था और 24 नवंबर 2011 को उन्हें आईपीएस में शामिल किया गया। उनका मूल राज्य गोवा है और उन्होंने बी.एससी. की डिग्री प्राप्त की है।
उनके प्रमुख सम्मान और मान्यताओं में गोवा के मुख्यमंत्री का स्वर्ण पदक (पुलिस) 2011 में, 2013 में राष्ट्रपति का पुलिस पदक (सराहनीय सेवा), 2017 में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में उत्कृष्ट कार्य के लिए डीजीपी का प्रतीक चिह्न, तथा 2024 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रदान किया गया राष्ट्रपति का पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा) शामिल है।
दिल्ली पुलिस में देशपांडे ने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रहे, जहां उनके पास सतर्कता से जुड़ी जिम्मेदारियां थीं। इससे पहले वे महिला एवं बाल विशेष पुलिस इकाई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भी रह चुके हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कल्याण इकाई को सक्रिय करने और आयुक्त की जन-शिकायत निवारण पहल ‘जनसुनवाई’ को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अभियान) के रूप में उन्होंने तैनाती, पीसीआर और संचार इकाइयों की जिम्मेदारी संभाली। उन्हें संयुक्त पुलिस आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक के पद पर 2023 के अंत या 2024 की शुरुआत में पदोन्नत किया गया था।
करियर के आरंभिक दौर में, गोवा में सेवा के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, वलपोई के प्रधानाचार्य के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा सतर्कता, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, सुरक्षा और अन्य इकाइयों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में भी सेवा दी है।
यह नियुक्ति एक अनुभवी मध्य-वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को राष्ट्रीय राजधानी की सबसे अधिक दृश्यता वाली सुरक्षा जिम्मेदारियों में से एक पर लाती है। राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा में प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन, विभिन्न एजेंसियों के बीच सुचारु समन्वय, विशेषकर सशस्त्र बलों के साथ, तथा अनुशासन और गोपनीयता के उच्च मानकों की आवश्यकता होती है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अभियान) के पद से देशपांडे का चयन यह संकेत देता है कि दिल्ली पुलिस नेतृत्व और उपराज्यपाल कार्यालय ने इस संवेदनशील परिसर के लिए हालिया व्यावहारिक परिचालन अनुभव वाले अधिकारी को प्राथमिकता दी। यह कदम दिल्ली पुलिस और एजीएमयूटी संवर्ग के भीतर चल रहे प्रशासनिक समायोजनों का भी हिस्सा है।
इस पदस्थापना से जुड़े आधिकारिक आदेश अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में जारी किए गए। देशपांडे के जल्द ही संयुक्त पुलिस आयुक्त (राष्ट्रपति भवन) के रूप में कार्यभार संभालने की उम्मीद है।