सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ 17 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक नेपाल का आधिकारिक दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच रक्षा सहयोग तथा लंबे समय से चले आ रहे सैन्य-से-सैन्य संबंधों को और मजबूत करना है।
दौरे की शुरुआत 17 अगस्त को होगी, जब जनरल धीरज सेठ टुंडिखेल स्थित आर्मी पवेलियन में पुष्पचक्र अर्पित करेंगे और नेपाली सेना मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर ग्रहण करेंगे। वे नेपाली सेना के सेना प्रमुख से भी मुलाकात करेंगे और सैन्य अभियानों के महानिदेशक से आपसी हितों से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त करेंगे।
इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण नेपाल के राष्ट्रपति भवन में होने वाला अलंकरण समारोह होगा। भारतीय और नेपाली सेनाओं की विशिष्ट और लंबे समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार, नेपाल के राष्ट्रपति श्री राम चन्द्र पौडेल जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि प्रदान करेंगे।
18 अगस्त को सेना प्रमुख शिवपुरी स्थित आर्मी कमांड एंड स्टाफ कोर्स का दौरा करेंगे, जहां वे छात्र अधिकारियों को संबोधित करेंगे और प्रशिक्षकों तथा विदेशी छात्र अधिकारियों से बातचीत करेंगे। इस दौरान वे नेपाल के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों से भी मिलेंगे और आपसी हितों के विषयों पर चर्चा के साथ आगे सहयोग के नए रास्तों पर विचार करेंगे।
दौरे के अंतिम दिन 19 अगस्त को जनरल धीरज सेठ पोखरा में पूर्व सैनिक रैली में शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान वे वीर नारी और वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित करेंगे तथा नेपाल में रहने वाले भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों से भेंट करेंगे। इसके बाद वे भारत लौटेंगे।
भारत और नेपाल के बीच गहरे ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध हैं, जिन्हें अक्सर स्थायी ‘रोटी बेटी का रिश्ता’ कहा जाता है। जनकपुर और अयोध्या के साथ-साथ लुंबिनी और बोधगया के बीच के निकट संबंध भी दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जन-जन और सभ्यतागत जुड़ाव को दर्शाते हैं।
दोनों देशों के संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के समान हितों पर भी आधारित हैं। भारतीय और नेपाली सेनाओं ने संस्थागत और पेशेवर स्तर पर घनिष्ठ संबंध बनाए रखे हैं, जिनमें प्रशिक्षण, आदान-प्रदान और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।
जनरल धीरज सेठ की यह यात्रा इन सैन्य संबंधों को और गहरा करने तथा दोनों सेनाओं के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने का भी अवसर प्रदान करेगी। यह यात्रा भारतीय सेना और नेपाली सेना के बीच विशिष्ट संबंधों, जिसमें मानद सैन्य रैंकों की परंपरा शामिल है, को भी रेखांकित करती है और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग तथा क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में निरंतर संवाद के महत्व की पुष्टि करती है।