ब्रिगेडियर रजत त्यागी, कमांडर, शत्रुजीत ब्रिगेड ने ब्रिगेड के 85वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित व्हाइट वाटर राफ्टिंग अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह आयोजन ब्रिगेड की साहस, सौहार्द और साहसिकता की स्थायी विरासत का उत्सव भी है।
यह अभियान उत्सवों के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया है और रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश तक गंगा नदी पर 150 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। टीम ने “शत्रुजीत” की भावना और ब्रिगेड के ध्येय वाक्य “मेन् ऐपट, एवरी मैन ऐन एम्परर” को आगे बढ़ाते हुए यात्रा शुरू की।
राफ्टिंग अभियान में प्रतिभागियों को गंगा नदी के चुनौतीपूर्ण हिस्सों से गुजरना होगा, जिनमें श्रेणी II और श्रेणी III की तेज धाराएँ शामिल हैं। यह कठिन मार्ग सहभागी कर्मियों की सहनशक्ति, टीमवर्क और दृढ़ता की परीक्षा लेने के लिए बनाया गया है।
यह अभियान शत्रुजीत ब्रिगेड की 85 साल की विरासत को याद करते हुए शारीरिक चुनौती और साहसिकता को साथ जोड़ता है। हिमालयी नदी क्षेत्र से होकर यह यात्रा वायुजनित समुदाय से जुड़ी साहसिक भावना को भी मजबूत करने का प्रयास है।
रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश की ओर 150 किलोमीटर के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए टीम को नदी की कठिन परिस्थितियों में आपसी समन्वय और टीमवर्क की आवश्यकता होगी। श्रेणी II और III की तेज धाराएँ इस अभियान के चुनौतीपूर्ण मार्ग का प्रमुख हिस्सा हैं।
यह यात्रा ब्रिगेड के साहस, सौहार्द और साहसिकता पर दिए गए जोर को दर्शाती है, साथ ही उसके 85वें स्थापना दिवस के उत्सव का हिस्सा भी है। इस प्रयास से प्रतिभागी कर्मियों को चुनौतीपूर्ण बाहरी वातावरण में स्वयं को परखने का अवसर भी मिल रहा है।
गंगा नदी के किनारे रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश तक की यह यात्रा तय 150 किलोमीटर का मार्ग पूरा होने पर समाप्त होगी। यह अभियान शत्रुजीत ब्रिगेड की भावना और उसके “मेन् ऐपट, एवरी मैन ऐन एम्परर” ध्येय वाक्य के अनुरूप चलाया जा रहा है।
व्हाइट वाटर राफ्टिंग अभियान शत्रुजीत ब्रिगेड के 85वें स्थापना दिवस समारोहों का हिस्सा है। चुनौतीपूर्ण हिमालयी नदी यात्रा सहनशक्ति, टीमवर्क और दृढ़ता को उजागर करते हुए ब्रिगेड की साहसिक परंपरा को भी सामने लाती है।