मुंबई में भारतीय नौसेना के नाविक पुर्नमल मेहरा, उम्र 30 वर्ष, पर पुलिस को संदेह है कि उन्होंने अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों की हत्या के बाद आत्महत्या कर ली। यह घटना दक्षिण मुंबई के कफ परेड स्थित नेवी नगर के आधिकारिक आवास में सामने आई। जांचकर्ताओं के अनुसार, मेहरा ने मोबाइल फोन को प्रारूपित किया, घर की सफाई की, कूड़ेदान खाली किया और परिसर को सील करने जैसे कदम उठाए, ताकि सबूत मिटाए जा सकें और घटना का पता देर से चले।
15 अगस्त 2026 की शाम शवों का पता तब चला, जब राजस्थान में मेहरा के परिवार ने अलर्ट जारी किया। 14 अगस्त की रात करीब 11 बजे मेहरा ने अपने पिता शंभूलाल या परिवार के अन्य सदस्यों को व्हाट्सऐप संदेश भेजा, जिसका आशय था, “आकर हमारे शव ले जाओ।” अगले दिन सुबह संदेश दिखने और बार-बार फोन करने पर जवाब न मिलने के बाद परिवार ने नौसेना नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया। इसके बाद नौसैनिक कर्मी और कफ परेड पुलिस बंद आवास तक पहुंचे, दरवाजा तोड़ा और भीतर मेहरा का शव फांसी पर लटका मिला। दूसरी ओर, उनकी पत्नी ओमा, जिन्हें कुछ रिपोर्टों में उमा भी बताया गया है, लगभग 28 वर्ष, तीन वर्षीय पुत्र और दो महीने के शिशु के शव दूसरे कमरे में एक बिस्तर पर मिले।
पुलिस ने शवों की स्थिति में स्पष्ट अंतर दर्ज किया है। पत्नी और बच्चों के शवों में सड़न अधिक उन्नत अवस्था में थी, जिससे जांचकर्ताओं का निष्कर्ष है कि उनकी मौत मेहरा की तुलना में कम से कम 24 घंटे पहले हुई थी। शुरुआत में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अंतिम पोस्टमार्टम, विसरा और फोरेंसिक रिपोर्टों का इंतजार है, जिसके बाद मृत नाविक के खिलाफ औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की जाने की उम्मीद है।
सबूत और घटनाक्रम को लेकर पुलिस के निष्कर्ष
कफ परेड पुलिस थाने के वरिष्ठ अधिकारियों और सूत्रों के अनुसार, आरोप है कि मेहरा ने कथित हत्याओं के बाद घर की सफाई की, जगह-जगह पानी से धुलाई की और कूड़ेदान खाली कर दिया। उसने अपने और अपनी पत्नी के मोबाइल फोन को भी प्रारूपित कर दिया, जिससे कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य आंकड़े मिट गए। इन उपकरणों को साइबर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि कोई शेष जानकारी मिल सके, जो समयरेखा या मकसद को स्पष्ट कर सके। यह भी बताया गया है कि उसने दरवाजे और चौखट के बीच के गैप को ढकने के लिए कपड़े का इस्तेमाल किया और कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि उसने जिस कमरे में उसकी मौत हुई, उसे बिस्तर से अवरुद्ध किया।
मृत्यु के कारणों को लेकर शुरुआती संदेह पत्नी और बड़े बच्चे को जहर दिए जाने की ओर इशारा करते हैं। शुरुआती अवलोकनों में उनके मुंह के आसपास झाग देखे जाने की बात कही गई है और घर से भोजन तथा पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। शिशु की मौत के लिए तकिए से मुंह दबाकर या गला घोंटने की आशंका भी जताई गई है। घटनास्थल से कोई स्पष्ट विषैला पदार्थ तुरंत बरामद नहीं हुआ। मेहरा की मौत को शुरुआती रिपोर्टों में फांसी या दम घुटने से जोड़ा गया है। हालांकि, सटीक कारण और पूरी घटनाक्रम अभी प्रयोगशाला पुष्टि पर निर्भर हैं।
पृष्ठभूमि और संभावित कारण
मेहरा मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले के काकराना गांव के रहने वाले थे और उन्होंने 2015 में भारतीय नौसेना जॉइन की थी। उनका विवाह करीब दिसंबर 2020 में राजस्थान के सीकर जिले की ओमा से हुआ था। दंपति के दो बच्चे थे। पड़ोसियों और परिवार के लोगों के अनुसार, उनका सामाजिक मेलजोल बहुत कम था और मेहरा अक्सर चुप रहते थे तथा अपने में ही रहते थे। बताया गया है कि दूसरे बच्चे के जन्म के बाद रिश्तेदारों ने आना-जाना बंद कर दिया था और दोनों परिवारों के बीच संबंध तनावपूर्ण थे।
पुलिस और परिवार के बयानों के अनुसार, मेहरा कई महीनों से लेकर करीब एक वर्ष तक अवसाद से जूझ रहे थे और उनका उपचार चल रहा था, जिसमें नौसेना के आईएनएचएस अश्विनी अस्पताल में इलाज भी शामिल था। उन्होंने जून में मातृत्वकालीन अवकाश लिया था, लेकिन नियमित ड्यूटी पर नहीं लौटे थे। दूसरे बच्चे के जन्म के बाद, आसपास परिवार के समर्थन के बिना बाल देखभाल की दिक्कतों के कारण उन्होंने कार्यालय आधारित तैनाती की मांग भी की थी, लेकिन यह अनुरोध स्वीकार नहीं हुआ और वे कुछ रिपोर्टों के अनुसार जहाज संबंधी ड्यूटी करते रहे। भाइयों के साथ धन और संपत्ति संबंधी विवादों के कारण भी परिवार से दूरी बनी हुई थी। शुरुआती जांच में वैवाहिक तनाव और अक्सर झगड़ों का जिक्र भी किया गया है।
जांचकर्ताओं के सामने एक बेहद चिंताजनक तथ्य भी आया है। मौत से करीब एक सप्ताह पहले पत्नी ने अपने पिता को फोन कर बताया था कि उसका पति मृत्यु की बातें कर रहा है और उसे तथा बच्चों को नुकसान पहुंचा सकता है। पिता मुंबई पहुंचे और उन्हें वहां से ले जाने की कोशिश भी की, लेकिन मेहरा ने बहस की और उन्हें जाने नहीं दिया।
जांच की स्थिति और आधिकारिक प्रतिक्रिया
कफ परेड पुलिस ने पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों सहित कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं। साइबर विशेषज्ञ प्रारूपित फोन की जांच कर रहे हैं। घर से मिले खाद्य पदार्थ, दवाइयां, विसरा नमूने और अन्य फोरेंसिक सामग्री विश्लेषण के लिए भेजी गई है, जिनमें कलिना फोरेंसिक प्रयोगशाला भी शामिल है। भारतीय नौसेना ने इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया, 15 अगस्त 2026 को नेवी नगर स्थित आवास में नाविक, उनकी पत्नी और दोनों बच्चों के मृत पाए जाने की पुष्टि की और कहा कि वह पुलिस जांच में हर संभव सहायता दे रही है।
शवों को जे.जे. अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत लाया हुआ घोषित किया गया। बाद में राजस्थान में अंतिम संस्कार किया गया, जहां नाविक के लिए गार्ड ऑफ ऑनर की भी रिपोर्ट है।
मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस सटीक मृत्यु कारण, घटनाओं की पूरी क्रमवार कड़ी और किसी संभावित अतिरिक्त मकसद को स्पष्ट करने के लिए अंतिम फोरेंसिक और पोस्टमार्टम निष्कर्षों का इंतजार कर रही है। कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इस त्रासदी ने सशस्त्र बलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परिचालन ड्यूटी तथा छोटे परिवारों के बीच संतुलन बनाने की चुनौतियों पर ध्यान खींचा है।