त्रिशक्ति कोर ने 24 सदस्यीय पर्वतारोहण दल को उत्तर सिक्किम स्थित 7,264 मीटर ऊंची माउंट डोमेखांग चोटी के लिए रवाना किया है। यह भारतीय सेना की ओर से एक और कठिन उच्च-ऊंचाई अभियान है।
“आरोहण अजेय” नामक इस अभियान का उद्देश्य प्रतिभागी सैनिकों की शारीरिक सहनशक्ति, तकनीकी पर्वतारोहण कौशल, टीमवर्क और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा लेना है। हिमालयी वातावरण की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में यह दल अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेगा।
उत्तर सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाके में यह चढ़ाई की जाएगी, जहां खड़ी ढलानें, बेहद खराब मौसम, कम तापमान और ऑक्सीजन की कमी पर्वतारोहियों के लिए बड़ी चुनौती बनती हैं। ऐसे वातावरण में आगे बढ़ने के लिए सावधानीपूर्वक योजना, अनुकूलन और समन्वित गति की आवश्यकता होती है।
7,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर अभियान चलाना मजबूत शारीरिक तैयारी और कठोर पर्यावरणीय परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता की मांग करता है। यह अभियान सेना के कर्मियों को उच्च-ऊंचाई पर्वतारोहण कौशल और अनुभव को और विकसित करने का अवसर भी देता है।
ऐसे अभियानों से उन सैनिकों में आत्मविश्वास, दृढ़ता और सामूहिक कार्य भावना को बल मिलता है, जो देश के सबसे चुनौतीपूर्ण पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात रहते हैं। 24 सदस्यीय दल पूरे अभियान के दौरान सामूहिक प्रयास और अनुशासित निष्पादन पर निर्भर रहेगा।
त्रिशक्ति कोर के जनरल अधिकारी कमांडिंग ने इस अभियान को औपचारिक रूप से रवाना किया। इस अवसर ने दल को चुनौतीपूर्ण चढ़ाई के लिए प्रोत्साहन भी दिया।
यह पहल भारतीय सेना की साहसिक गतिविधियों और पर्वतारोहण पर जारी जोर को भी दर्शाती है। इसके माध्यम से नेतृत्व, शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और निरंतर प्रयास की भावना विकसित करने पर बल दिया जा रहा है।
पूर्वी हिमालय में स्थित माउंट डोमेखांग की ऊंचाई 7,264 मीटर है और यह अभियान दल की पर्वतारोहण क्षमता तथा तैयारी की कड़ी परीक्षा लेगा। “आरोहण अजेय” अभियान “एक टीम, एक शिखर, अडिग भावना” के संदेश के साथ आगे बढ़ रहा है।