बेंगलुरु स्थित सैन्य पुलिस केंद्र एवं विद्यालय में आयोजित जूनियर लीडर प्रोवोस्ट पाठ्यक्रम 28 अगस्त 2026 को संपन्न हुआ। इसके साथ ही सैन्य पुलिस कोर के कर्मियों और श्रीलंका से आए प्रतिभागियों के विशेष प्रशिक्षण का सफल समापन हुआ।
यह पाठ्यक्रम उन कर्मियों के पेशेवर ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और कार्यात्मक दक्षता को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया था, जिन पर प्रोवोस्ट और सैन्य पुलिसिंग की जिम्मेदारियाँ होती हैं।
इस प्रशिक्षण में सैन्य पुलिस कोर के कर्मियों के साथ श्रीलंका के तीन छात्र भी शामिल हुए। इससे भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच पेशेवर सैन्य प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पहलों के जरिये जारी जुड़ाव भी दिखाई दिया।
इस पाठ्यक्रम के सफल समापन से प्रतिभागियों को सैन्य पुलिसिंग से जुड़ी जिम्मेदारियों की समझ मजबूत करने और चुनौतीपूर्ण परिचालन तथा प्रशासनिक परिवेश में कर्तव्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक नेतृत्व गुण विकसित करने का अवसर मिला।
श्रीलंकाई कर्मियों की भागीदारी ने भारत और श्रीलंका की सशस्त्र सेनाओं के बीच पेशेवर संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान को भी बढ़ाया। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम परस्पर समझ, पेशेवर सौहार्द और साझेदार देशों के बीच रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ करने में सहायक होते हैं।
समापन समारोह में सैन्य पुलिस केंद्र एवं विद्यालय के कार्यवाहक कमांडेंट कर्नल गौतम वर्मा ने समापन संबोधन दिया। उन्होंने सफल प्रतिभागियों को सम्मानित किया और प्रशिक्षण के दौरान उनके प्रयासों तथा समर्पण की सराहना की।
जूनियर लीडर प्रोवोस्ट पाठ्यक्रम का समापन इस बात को रेखांकित करता है कि सैन्य पुलिस कोर अपने कनिष्ठ नेताओं को पेशेवर रूप से सक्षम और आत्मविश्वासी बनाने पर विशेष जोर देता है, ताकि वे सैन्य पुलिसिंग की बदलती जरूरतों को पूरा कर सकें।
यह उपलब्धि पेशेवर मानकों, नेतृत्व और कार्यात्मक प्रभावशीलता को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है। साथ ही, यह मित्र विदेशी साझेदारों के साथ सैन्य सहयोग और प्रशिक्षण आदान-प्रदान को भी आगे बढ़ाती है।