बेंगलुरु, 18 अक्टूबर 2026: एयर फोर्स टेक्निकल कॉलेज (एएफटीसी), बेंगलुरु ने अपनी प्रशिक्षण संरचना को मजबूत करने और उन्नत विमानन प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रमुख वैमानिकी, तकनीकी और अनुसंधान संगठनों के साथ तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
ये समझौते रक्षा मंत्रालय के वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन निदेशालय, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड प्रबंधन अकादमी और आईआईटी मद्रास सी-डॉट सज्ञा टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के साथ किए गए। इसे भारतीय वायु सेना के भीतर तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान एयर फोर्स टेक्निकल कॉलेज के कमांडेंट और सहभागी संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के बीच हुआ। इनमें डीजीक्यूएए के महानिदेशक सी रमेश, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड प्रबंधन अकादमी के कार्यकारी निदेशक अरूप कुमार मलिक और सज्ञा टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र बार्लिंगाय शामिल थे।
इन साझेदारियों का उद्देश्य भारतीय वायु सेना, प्रमुख वैमानिकी संस्थानों और भारत के अनुसंधान तंत्र को एक साथ लाकर ज्ञान साझा करने, तकनीकी सहयोग और उन्नत प्रशिक्षण क्षमताओं के विकास को बढ़ावा देना है।
इन सहयोगों से एएफटीसी को वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन, वायुयान प्रौद्योगिकी, व्यावसायिक विकास और अनुसंधान-आधारित नवाचार में विशेषज्ञता रखने वाले संगठनों के साथ अधिक संस्थागत सहभागिता का लाभ मिलने की उम्मीद है।
ये समझौते तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण में सहयोग के नए अवसर भी पैदा करेंगे, जिससे कॉलेज को विकसित होती विमानन और रक्षा प्रौद्योगिकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी क्षमताएं बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यह पहल भारतीय वायु सेना के तकनीकी विशेषज्ञता को मजबूत करने और सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योग तथा शैक्षणिक अनुसंधान संस्थानों के बीच घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने पर उसके निरंतर जोर को दर्शाती है।
इन तीनों समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर एएफटीसी बेंगलुरु की प्रशिक्षण व्यवस्था के आधुनिकीकरण और वायु सेना के तकनीकी कर्मियों को अधिक प्रौद्योगिकी-आधारित परिचालन परिवेश की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम हैं।