भारतीय वायु सेना के प्रशिक्षण कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल एस श्रीनिवास ने 16 जुलाई, 2026 को श्रीमती सुनीता श्रीनिवास के साथ एयर फोर्स स्टेशन बेगमपेट का दौरा किया। श्रीमती सुनीता श्रीनिवास वायु सेना परिवार कल्याण संघ (क्षेत्रीय) की अध्यक्ष हैं।
यह दौरा भारतीय वायु सेना की उस निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसके तहत उच्चतम सैन्य प्रशिक्षण मानकों और संचालनगत उत्कृष्टता को बनाए रखते हुए भविष्य के एयर वारियर्स को आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।
स्टेशन पहुंचने पर एयर मार्शल का औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया गया। यह दौरा प्रशिक्षण कमान की उस अहम भूमिका को भी दर्शाता है, जो भारतीय वायु सेना के कर्मियों की पेशेवर क्षमता को आकार देने में निभाई जा रही है।
एयर फोर्स स्टेशन बेगमपेट सेवा के प्रमुख प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों में से एक है और यह कई क्षेत्रों में विशिष्ट संचालनगत दक्षताओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
दौरे के दौरान एयर मार्शल एस श्रीनिवास ने स्टेशन की उड़ान, अनुरक्षण, प्रशिक्षण और प्रशासनिक गतिविधियों की व्यापक समीक्षा की। उन्हें प्रशिक्षण पद्धतियों को सुदृढ़ करने, संस्थागत क्षमताएं बढ़ाने और कर्मियों को उभरती संचालनगत आवश्यकताओं के अनुरूप ज्ञान व कौशल से लैस करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।
समीक्षा में इस बात पर बल दिया गया कि सैन्य प्रशिक्षण और पेशेवर शिक्षा के हर पहलू में उत्कृष्टता बनाए रखना भारतीय वायु सेना की निरंतर प्राथमिकता है। आज के हवाई अभियानों में ऐसी तकनीकी रूप से दक्ष और अत्यधिक अनुकूलनशील मानव शक्ति की आवश्यकता है, जो जटिल प्रणालियों पर काम कर सके और बहुआयामी सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सके।
एयर मार्शल ने स्टेशन के कर्मियों और हथियार प्रणाली विद्यालय तथा नेविगेशन प्रशिक्षण विद्यालय के प्रशिक्षुओं से भी बातचीत की। इन विशेष संस्थानों में कर्मियों को उन्नत ज्ञान और संचालनगत कौशल प्रदान किए जाते हैं, जो भारतीय वायु सेना की युद्धक क्षमता और मिशन प्रभावशीलता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
हथियार प्रणाली विद्यालय आधुनिक हवाई युद्ध अभियानों के आधार बने उन्नत वायु-आधारित हथियार प्रणालियों को संचालित और प्रबंधित करने के लिए एयर वारियर्स को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी तरह, नेविगेशन प्रशिक्षण विद्यालय कर्मियों को नेविगेशन और मिशन योजना में विशेष दक्षता देता है, जो विभिन्न संचालनगत परिस्थितियों में आवश्यक रहती है।
प्रशिक्षुओं और स्टेशन कर्मियों को संबोधित करते हुए एयर मार्शल एस श्रीनिवास ने कहा कि प्रशिक्षण में उत्कृष्टता ही भारतीय वायु सेना की संचालनगत क्षमताओं की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि कठिन और यथार्थपरक प्रशिक्षण पद्धतियां आत्मविश्वासी, सक्षम और मिशन के लिए तैयार कर्मियों को विकसित करने के लिए आवश्यक हैं।
प्रशिक्षण कमान प्रमुख ने पेशेवर उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रयास करने और आधुनिक हवाई युद्ध को आकार देने वाले तेजी से बदलते तकनीकी विकास से जुड़े रहने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को निरंतर सीखने और नवाचार की संस्कृति अपनाने तथा अनुशासन, ईमानदारी और सेवा उत्कृष्टता के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
एयर मार्शल श्रीनिवास ने यह भी रेखांकित किया कि भविष्य की संचालनगत सफलता उन्नत प्रौद्योगिकियों, विशिष्ट ज्ञान और अनुकूल नेतृत्व क्षमताओं के सहज समन्वय पर अधिक निर्भर करेगी। इसलिए पेशेवर सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण में निवेश भारतीय वायु सेना की भविष्य-तैयार और प्रौद्योगिकी-संपन्न बल बनने की यात्रा का केंद्रीय हिस्सा बना रहेगा।
यह दौरा इस बात की पुष्टि करता है कि प्रशिक्षण कमान कुशल और पेशेवर रूप से सक्षम एयर वारियर्स को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो राष्ट्र के वायुदल हितों की रक्षा में सार्थक योगदान दे सकें। प्रशिक्षण में उत्कृष्टता, तकनीकी उन्नति और निरंतर क्षमता विकास पर बल देकर भारतीय वायु सेना सभी क्षेत्रों में अपनी संचालनगत तत्परता को मजबूत कर रही है।
एयर फोर्स स्टेशन बेगमपेट का यह दौरा भारतीय वायु सेना की उस अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह उच्च प्रशिक्षण मानकों और पेशेवर सैन्य शिक्षा पर आधारित भविष्य-तैयार बल का निर्माण कर रही है। अपने कर्मियों और संस्थानों में निवेश के माध्यम से सेवा आधुनिक युद्ध की बदलती आवश्यकताओं का सामना करने और अपनी संचालनगत उत्कृष्टता की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखने की स्थिति में बनी हुई है।