एहतियाती योजना के अनुरूप 22 सितंबर 2026 को सीआईएसएफ एएसजी नवी मुंबई में वार्षिक अपहरण-रोधी मॉक अभ्यास एएचएमई–2026 सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस अभ्यास में नवी मुंबई हवाई अड्डे पर विमान के उतरने के बाद अपहरण जैसी स्थिति का परिदृश्य तैयार किया गया। इसका उद्देश्य विमानन सुरक्षा, आपात प्रतिक्रिया, हवाई यातायात प्रबंधन और यात्री सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों की संयुक्त तैयारी को परखना था।
अभ्यास में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड, स्थानीय पुलिस, हवाईअड्डा बचाव एवं अग्निशमन सेवा, खुफिया ब्यूरो, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, विमानन कंपनियों, चिकित्सा सेवाओं, वायु यातायात नियंत्रण, क्रिस्टल और ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के कर्मियों ने भाग लिया।
कई एजेंसियों की भागीदारी से विमानन सुरक्षा आपात स्थिति में समन्वय की जांच का अवसर मिला। इस काल्पनिक परिदृश्य में सभी पक्षों को स्वीकृत एहतियाती योजना के दायरे में काम करते हुए अपहरण-सम्बंधित घटना से निपटने की तैयारी दिखानी थी।
अभ्यास के तहत एयरोड्रोम समिति को सक्रिय किया गया। इसमें पुलिस आयुक्त, नवी मुंबई मिलिंद भारंबे, आईपीएस, के साथ एसजी/सीएएसओ, एएसजी नवी मुंबई सunit शर्मा भी उपस्थित रहे।
अभ्यास के दौरान सभी संबंधित सदस्य नवी मुंबई हवाई अड्डे के एयरपोर्ट कमांड एंड कंट्रोल रूम में एकत्र हुए। इससे संभावित आकस्मिक स्थिति के प्रबंधन के लिए समन्वित मंच उपलब्ध हुआ।
ऐसे अभ्यास भागीदार एजेंसियों को निर्धारित प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं से परिचित कराते हैं और विमानन सुरक्षा आपात स्थितियों में समन्वय को मजबूत करते हैं। वार्षिक अभ्यास के माध्यम से अपहरण जैसी काल्पनिक स्थिति के विरुद्ध तैयारियों का समय-समय पर आकलन भी किया जाता है।
अभ्यास ने यह भी दिखाया कि विमानन सुरक्षा संकट के दौरान प्रभावी संचार और समन्वय कितना महत्वपूर्ण होता है। ऐसी स्थिति में कई एजेंसियों को एक साथ कार्रवाई करनी पड़ सकती है, इसलिए स्थापित प्रक्रियाएँ अनिवार्य हो जाती हैं।
सीआईएसएफ कर्मियों के साथ हवाई अड्डा प्राधिकरण, पुलिस, खुफिया एजेंसियाँ, आपात सेवाएँ, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, विमानन कंपनियाँ और अन्य पक्षों की भागीदारी ने विमानन सुरक्षा तैयारियों के बहु-एजेंसी स्वरूप को रेखांकित किया।
एएचएमई–2026 का सफल आयोजन स्वीकृत एहतियाती ढांचे के तहत सभी भागीदार एजेंसियों की सामूहिक तैयारी को दर्शाता है। साथ ही, इससे मौजूदा समन्वय व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन करने और प्रत्येक पक्ष की भूमिकाओं को सुदृढ़ करने का अवसर भी मिला।
अभ्यास के सफल समापन ने नवी मुंबई हवाई अड्डे पर विमानन सुरक्षा से जुड़ी संभावित आपात स्थितियों के लिए उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखने की सामूहिक क्षमता को फिर से साबित किया। नियमित मॉक अभ्यास की आवश्यकता भी इससे और स्पष्ट हुई।