सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (AFMS) ने ओडिशा के रायरंगपुर में तीन दिवसीय चिकित्सा शिविर के दौरान 4,000 से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज किया और आंखों की रोशनी बहाल करने के लिए 365 सर्जरी कीं। मयूरभंज जिले में 2 से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित यह शिविर ‘ऑपरेशन दृष्टि’ का 12वां संस्करण था।
विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं तक सीमित पहुंच वाले लोगों के लिए शिविर में परामर्श, जांच, सर्जरी और दवाओं की निशुल्क व्यवस्था की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसे निवासियों तक उन्नत इलाज पहुंचाना था, जिन्हें विशेषज्ञों से उपचार कराने में कठिनाई होती है।
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक एयर मार्शल संदीप थरेजा ने 4 नवंबर को शिविर का दौरा किया। उन्होंने परामर्श ले रहे और ऑपरेशन के बाद देखभाल प्राप्त कर रहे मरीजों से बातचीत की। आंखों की सर्जरी कराने वाले मरीजों को उन्होंने दवाओं की किट भी दीं। चक्रवात के कारण खराब मौसम के बावजूद चिकित्सा सेवाएं लगातार जारी रखने के लिए उन्होंने मेडिकल टीमों की सराहना की।
शिविर में नेत्र रोग, हृदय रोग, गुर्दा रोग, त्वचा रोग, दंत चिकित्सा और जनरल मेडिसिन के विशेषज्ञ मौजूद थे। यहां पहुंचे हर मरीज को मौके पर चिकित्सा सहायता दी गई। जिन मरीजों को अधिक उन्नत प्रक्रियाओं की जरूरत थी, उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया।
हृदय रोग विभाग ने 400 से अधिक मरीजों की जांच की। इस दौरान 298 ईसीजी और 406 इकोकार्डियोग्राम किए गए। विशेषज्ञों ने 29 ऐसे मरीजों की पहचान की, जिन्हें एंजियोग्राफी, सीटी एंजियोग्राफी, हृदय के वाल्व की सर्जरी, उपकरण प्रत्यारोपण और बैलून पल्मोनरी वाल्वोटॉमी जैसी उन्नत प्रक्रियाओं की जरूरत थी।

गुर्दा रोग विभाग ने 400 से अधिक मरीजों का इलाज किया और 341 अल्ट्रासाउंड जांचें कीं। त्वचा रोग विशेषज्ञों ने 500 से अधिक मरीजों को देखा। दंत चिकित्सा विभाग ने 221 मरीजों का उपचार किया और 198 प्रक्रियाएं कीं, जबकि जनरल मेडिसिन विभाग ने 339 मरीजों को परामर्श दिया।

शिविर में इलाज कराने वालों में 75 वर्षीय बिस्वनाथ भी शामिल थे। आंख में पुरानी चोट के बाद उन्हें जटिल मोतियाबिंद हो गया था। AFMS के सर्जनों ने छोटे चीरे वाली मैनुअल तकनीक से मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया और आंख की बाहरी सफेद परत, स्क्लेरा, से जुड़ा कृत्रिम लेंस लगाया। इस सर्जरी से उनकी दृष्टि में सुधार की संभावना बनी है।
एक अन्य मरीज, 60 वर्षीय सोमबारी गोपे की आंख संरचनात्मक रूप से छोटी थी और उसमें घना मोतियाबिंद था। सर्जिकल टीम ने कॉर्निया की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सफल ऑपरेशन किया और आंख के पिछले कक्ष में कृत्रिम लेंस लगाया।

रायरंगपुर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गृह नगर है। AFMS की पहल ‘ऑपरेशन दृष्टि’ के तहत देश के उन क्षेत्रों में विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाती हैं, जहां लोगों को इन सुविधाओं की पर्याप्त पहुंच नहीं मिल पाती।