सेना सेवा कोर (एएससी) केंद्र एवं महाविद्यालय, बेंगलुरु में आयोजित यंग अफसर कोर्स 23 सितंबर 2026 को संपन्न हुआ। इस कोर्स में कैप्टन गौरव सिंह राणा को सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी चुना गया।
यह गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय सेना के अधिकारियों के साथ-साथ मित्र विदेशी देशों के पाँच अधिकारियों को भी साथ लेकर चला, जिनमें श्रीलंका और नेपाल के अधिकारी शामिल थे। कोर्स में विभिन्न अंगों और सेवाओं से जुड़ी सैन्य रणनीति, विशिष्ट प्रौद्योगिकियों और विविध भूभागों तथा बहु-क्षेत्रीय अभियानों के लिए रसद सहायता पर ध्यान केंद्रित किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य युवा अधिकारियों को वह व्यावसायिक ज्ञान और व्यावहारिक समझ देना था, जो अलग-अलग परिचालन परिस्थितियों में सैन्य अभियानों को सहारा देने के लिए आवश्यक होती है। इसमें रणनीति और रसद के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ समकालीन सैन्य अभियानों से जुड़ी उभरती प्रौद्योगिकियों की जानकारी भी दी गई।
रसद को सैन्य क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यह कठिन परिस्थितियों में कर्मियों, उपकरणों और अन्य परिचालन आवश्यकताओं को बनाए रखने में मदद करती है। इसी कारण परिचालन रसद का प्रशिक्षण सैन्य शिक्षा का एक अहम भाग है।
कोर्स में विशिष्ट प्रौद्योगिकियों पर दिया गया जोर आधुनिक युद्ध में तकनीकी क्षमता के बढ़ते महत्व को भी दर्शाता है। पारंपरिक सैन्य रणनीति और रसद के साथ प्रौद्योगिकीय समझ को जोड़ने से अधिकारियों को बहु-क्षेत्रीय अभियानों की बदलती जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलती है।
श्रीलंका और नेपाल के पाँच अधिकारियों की भागीदारी ने इस कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी दिया। ऐसे व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम मित्र देशों के अधिकारियों को अनुभवों के आदान-प्रदान और सैन्य कार्यप्रणाली तथा परिचालन दृष्टिकोणों की समझ हासिल करने का अवसर देते हैं।
समापन समारोह में कोर्स के औपचारिक समापन की घोषणा की गई। एएससी केंद्र एवं महाविद्यालय के उप कमांडेंट और मुख्य प्रशिक्षक मेजर जनरल मोहित महेंद्रू ने समापन संबोधन दिया और उपलब्धि हासिल करने वालों को सम्मानित किया।
कैप्टन गौरव सिंह राणा को कोर्स का सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी घोषित किया गया, जो गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में उनके प्रदर्शन का सम्मान था। समापन समारोह और सम्मान के साथ यंग अफसर कोर्स ने प्रतिभागियों को रणनीति, प्रौद्योगिकी और रसद सहायता पर विशेष अनुभव प्रदान करते हुए अपना कार्य पूरा किया।