नई दिल्ली, 9 अक्टूबर: सीबीआई की विशेष कार्य शाखा, मुंबई ने आईबीपीएस की शिकायत पर दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट के बाद दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में समन्वित छापेमारी की। एजेंसी ने बताया कि चारों आरोपियों ने उम्मीदवारों का रूप धारण कर लिखित परीक्षा और साक्षात्कार समेत चयन प्रक्रिया के कई चरणों में धोखे से भाग लिया।
8 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति में सीबीआई ने इन गिरफ्तारियों को एक सक्रिय नकलचियों के गिरोह को बेनकाब करने में बड़ी सफलता बताया। एजेंसी के अनुसार यह नेटवर्क सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता को नुकसान पहुंचा रहा था और ईमानदारी से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के उचित अवसर छीन रहा था।
गिरफ्तार चार आरोपियों में से एक केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर के एक निरीक्षक हैं। सीबीआई ने आरोपियों के नाम, निशाना बनाए गए विशेष परीक्षाओं और किन धाराओं में मामला दर्ज किया गया, यह सार्वजनिक नहीं किया है। यह भी नहीं बताया गया है कि परीक्षा और साक्षात्कार केंद्रों पर पहचान जांच कैसे पार की गई।
आईबीपीएस एक स्वायत्त निकाय है, जो भागीदार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए सामान्य भर्ती परीक्षाएं कराता है। इनमें परिवीक्षा अधिकारी, लिपिक और विशेषज्ञ अधिकारी की परीक्षाएं शामिल हैं। प्रथम सूचना रिपोर्ट का आधार बनने वाली शिकायत संस्थान ने खुद दर्ज कराई थी।
सीबीआई ने कहा है कि जांच जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पहचान तथा पुष्टि की जा रही है। नकल की व्यापकता, आरोपियों की ओर से किन अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा दी गई, और क्या कोई परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं, इस बारे में अभी और जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।