सीबीआई ने मध्य प्रदेश के कटनी में पश्चिम मध्य रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अजयवीर सिंह को 45,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। न्यू कटनी जंक्शन पर तैनात सिंह पर ठेकेदार के 30 मजदूरों को काम से न हटाने के बदले रकम मांगने का आरोप है।
शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 5 नवंबर, 2026 को मामला दर्ज किया था। आरोप है कि सिंह ने काम जारी रखने देने के लिए प्रति मजदूर 1,500 रुपये मांगे थे। एजेंसी ने कटनी में जाल बिछाकर उन्हें शिकायतकर्ता से रकम मांगते और स्वीकार करते समय पकड़ा।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीमों ने जांच से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत जुटाने के लिए सिंह के आवास और कार्यालय की तलाशी ली। उन्हें 6 नवंबर को जबलपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 12 नवंबर, 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सीबीआई सूत्रों के हवाले से आई खबरों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एजेंसी की जबलपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा से संपर्क किया था। रिश्वत की मांग की पुष्टि के बाद कार्रवाई की गई। कुछ रिपोर्टों में शिकायतकर्ता को तेजराम कुशवाहा/शशांक से जुड़ा ठेकेदार बताया गया है। कुछ खबरों के मुताबिक, रिश्वत की रकम 500 रुपये के 90 नोटों में दी गई थी। सिंह न्यू कटनी जंक्शन के विद्युत अनुभाग में सीनियर सेक्शन इंजीनियर (इलेक्ट्रिक-एम) के पद पर तैनात हैं।
मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। सीबीआई ने इस मांग को 30 मजदूरों को काम पर बनाए रखने के बदले मांगा गया अनधिकृत भुगतान बताया है। जांच जारी है। उपलब्ध ताजा खबरों में पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया व्यापक रूप से सामने नहीं आई है।
इसी अवधि में एक अलग मामले में सीबीआई ने बिहार से बैंक धोखाधड़ी के पुराने मामले में फरार एक आरोपी को भी पकड़ा। उस कार्रवाई का कटनी के रिश्वत मामले से कोई संबंध नहीं है।