दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल में तैनात भारतीय शांति सैनिकों ने स्थानीय महिलाओं के लिए बहु-दिवसीय पाक-सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया। भारतीय व्यंजनों को माध्यम बनाकर सांस्कृतिक समझ बढ़ाने और स्थानीय समुदायों के साथ संबंध मजबूत करने का उद्देश्य इस पहल के पीछे था।
यह कार्यक्रम INDBATT (प्रचंड पाँच) की फास्ट और नागरिक-सेना सहयोग टीमों द्वारा आयोजित किया गया। इसमें 25 स्थानीय महिलाओं ने भाग लिया और उन्हें भारतीय पकवानों की इंटरैक्टिव पाक-प्रदर्शनियों तथा व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से खाना बनाने का अनुभव दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने बटर चिकन, बटर चना मसाला, सूखे आलू, पुलाव और लहसुन नान सहित कई भारतीय व्यंजन बनाना सीखा। साथ ही फिरनी और नारियल मिठाई जैसे पारंपरिक मीठे व्यंजन तथा क्रोइसां और केक जैसे बेकरी उत्पादों की भी जानकारी दी गई।
सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित रखने के बजाय भारतीय दल ने प्रतिभागियों को स्वयं खाना बनाने की प्रक्रिया में शामिल किया। इससे उन्हें भारतीय पाक तकनीकों और परंपराओं का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।
इस पहल का एक अहम पहलू यह भी था कि इन व्यंजनों को घर पर दोहराया जा सके। प्रशिक्षकों ने ऐसे सामग्रियों पर ध्यान केंद्रित किया जो लेबनान के बाजारों में आसानी से उपलब्ध हैं, साथ ही यह भी समझाया कि भारतीय मसाले, जड़ी-बूटियाँ और अन्य सामग्री व्यंजनों के स्वाद, सुगंध और पोषण गुणों में कैसे योगदान देती हैं।
पाक सत्रों ने भारतीय शांति सैनिकों और स्थानीय समुदाय के बीच अनौपचारिक संवाद का अवसर भी दिया। भोजन और साझा सीख के माध्यम से यह कार्यक्रम भारतीय और लेबनानी संस्कृति के तत्वों को एक साथ लाया और प्रतिभागियों को भारतीय परंपराओं के बारे में अधिक जानने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के समापन पर कर्नल प्रसून सिंह, एसएम, कॉन्टिको, INDBATT ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और उपहार प्रदान किए। महिलाओं को सत्रों में सीखी गई रेसिपियों पर आगे प्रयोग करने में मदद देने के लिए भारतीय व्यंजन की रसोई-पुस्तकें भी वितरित की गईं।
स्थानीय महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस पहल के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाया। इसका उद्देश्य INDBATT, UNIFIL और दक्षिणी लेबनान के समुदायों के बीच आपसी समझ, सद्भाव और जन-से-जन संबंधों को मजबूत करना था।
संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत अपनी परिचालन जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर भारतीय दल नियमित रूप से सामुदायिक पहलें भी करता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और सांस्कृतिक संवाद से जुड़े कार्यक्रम विश्वास बनाने और स्थानीय समुदायों के साथ निकट संबंध बनाए रखने के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
यह पाक-सांस्कृतिक आदान-प्रदान इस बात को रेखांकित करता है कि भोजन जैसी सरल चीज भी संवाद और मित्रता के अवसर पैदा कर सकती है। इससे भारतीय और लेबनानी समुदाय स्वाद, परंपराओं और साझा अनुभवों के माध्यम से और करीब आए।