जापान के काकामिगाहारा में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के गोलकीपर सूबेदार सूरज करकेरा ने भारत के लिए 100वें वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हिस्सा लेकर अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
30 वर्षीय गोलकीपर ने यह उपलब्धि जापान में जारी एची-नागोया एशियाई खेल 2026 के दौरान हासिल की। हॉकी इंडिया ने वरिष्ठ राष्ट्रीय टीम के लिए 100 मैच पूरे करने पर करकेरा को बधाई दी।
करकेरा ने 2017 में भारत के लिए वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और तब से वह देश की गोलकीपिंग इकाई का अहम हिस्सा बने हुए हैं। वर्षों के दौरान उन्होंने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कई महत्वपूर्ण महाद्वीपीय अभियानों में पोस्ट के बीच डटे रहे।
उनके अंतरराष्ट्रीय सफर में 2017 एशिया कप का स्वर्ण पदक शामिल है। इसके बाद 2021 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी और 2022 एशिया कप में उन्हें कांस्य पदक मिले। वह 2023 में हॉकी 5s एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे।
इसके बाद करकेरा ने 2024 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया और 2025 में एशिया कप खिताब जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे।
एशियाई खेलों के दौरान 100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करना उनके करियर का एक और यादगार अध्याय बन गया है। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय हॉकी में सबसे चुनौतीपूर्ण स्थानों में से एक पर खेलते हुए लगभग एक दशक की लगन, अनुशासन और समर्पण को दर्शाती है।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने करकेरा को इस उपलब्धि पर बधाई दी और देश का प्रतिनिधित्व करने के अवसर पर उनके धैर्य तथा समर्पण की सराहना की। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी उनकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ता की प्रशंसा की।
2017 में पदार्पण के बाद से करकेरा भारत की गोलकीपिंग व्यवस्था में एक भरोसेमंद उपस्थिति बने रहे हैं और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के कई शीर्ष हॉकी खिलाड़ियों के साथ खेल चुके हैं।
100वीं वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति के साथ सूबेदार सूरज करकेरा अब उन भारतीय हॉकी खिलाड़ियों के विशिष्ट समूह में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने देश का प्रतिनिधित्व 100 या उससे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों में किया है।
यह उपलब्धि करकेरा और भारतीय हॉकी के लिए गर्व का क्षण है, जो राष्ट्रीय रंगों के लिए वर्षों की सेवा, निरंतरता और अटूट समर्पण को रेखांकित करता है।