सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक श्री प्रवीण कुमार, आईपीएस ने 14 और 15 अगस्त 2026 को पंजाब फ्रंटियर के अंतर्गत अमृतसर सेक्टर का दौरा कर वहां की संचालनिक तैयारियों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान महानिदेशक ने अग्रिम क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात जवानों की सुरक्षा व्यवस्था तथा संचालनिक तैयारियों का आकलन किया। उन्होंने सीमा प्रबंधन और निगरानी को और सशक्त बनाने के लिए विकसित की जा रही नई डिज़ाइन की सीमा बाड़ की प्रगति भी देखी।
इस दौरे का एक प्रमुख पहलू 12 महिला प्रहरी बैरकों का उद्घाटन रहा, जिनका उद्देश्य अग्रिम क्षेत्रों में तैनात महिला कर्मियों के लिए आवास और कल्याण सुविधाओं में सुधार करना है।
सीमा चौकी हवलियन स्थित महिला प्रहरी बैरक का उद्घाटन महानिदेशक ने स्वयं मौके पर किया। पंजाब फ्रंटियर के गुरदासपुर, फिरोजपुर और अबोहर सेक्टरों के विभिन्न सीमा चौकियों पर स्थित 11 अन्य महिला प्रहरी बैरकों का उद्घाटन 14 अगस्त को वर्चुअल माध्यम से किया गया।
यह पहल सीमा पर कठिन ड्यूटी निभा रही महिला कर्मियों के लिए कार्य परिस्थितियों और कल्याण को मजबूत करने के लिए है। अग्रिम स्थानों पर बेहतर ढांचे से संचालनिक क्षेत्रों में तैनात महिला प्रहरियों को अधिक सुविधाएं और सहयोग मिलने की उम्मीद है।
दौरे के दौरान श्री प्रवीण कुमार ने प्रहरी सम्मेलन में सीमा सुरक्षा बल के कर्मियों से भी बातचीत की। उन्होंने चुनौतीपूर्ण संचालनिक परिस्थितियों में तैनात जवानों के समर्पण, मेहनत और पेशेवर दक्षता की सराहना की।
महानिदेशक ने कर्मियों से कहा कि वे अपने संचालनिक कौशल को लगातार निखारते रहें और सीमा सुरक्षा की बदलती चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहें। उन्होंने सीमा पर राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन के उपयोग से उत्पन्न बढ़ते खतरे का विशेष रूप से उल्लेख किया।
उन्होंने जवानों से निरंतर सतर्क रहने, अपनी क्षमताओं को मजबूत करने और शत्रुतापूर्ण तथा राष्ट्रविरोधी नेटवर्क द्वारा अपनाई जा रही नई प्रौद्योगिकियों और रणनीतियों के अनुरूप स्वयं को ढालने का आग्रह किया।
महानिदेशक ने कर्मियों को बल नेतृत्व की ओर से उनके कल्याण और व्यावसायिक आवश्यकताओं के लिए निरंतर समर्थन का भरोसा दिया। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को कमेंडेशन रोल से सम्मानित भी किया।
यह दौरा इस बात को रेखांकित करता है कि सीमा सुरक्षा बल संचालनिक तैयारियों को मजबूत करने, सीमा ढांचे को बेहतर बनाने और अग्रिम क्षेत्रों में तैनात कर्मियों के कल्याण को बढ़ाने पर लगातार ध्यान दे रहा है।
समीक्षा के दौरान पंजाब सीमा पर उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी, ढांचे के विकास और निरंतर कौशल-वृद्धि के महत्व को भी बल मिला, ताकि सीमा सुरक्षा और सतर्कता के उच्चतम मानक बनाए रखे जा सकें।