उत्तराखंड सब एरिया मुख्यालय को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य और उसकी जनता के लिए उसके उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में राज्यपाल की सराहना से सम्मानित किया गया।
मेजर जनरल एमपीएस गिल, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तराखंड सब एरिया ने 15 अगस्त को लोक भवन में उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से, माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में, यह सराहना प्राप्त की।
यह सम्मान गठन के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर योगदान को मान्यता देता है, जिनमें मानवीय सहायता और आपदा राहत, पूर्व सैनिक कल्याण तथा नागरिक-सैन्य समन्वय शामिल हैं। उत्तराखंड सब एरिया ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में राज्य प्रशासन और स्थानीय समुदायों की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यह गठन आपदा प्रतिक्रिया और राहत कार्यों में भी सक्रिय रहा है, जिससे पर्वतीय राज्य में आपदाओं के दौरान एक भरोसेमंद सहायता तंत्र के रूप में इसकी भूमिका और मजबूत हुई है। इसके कर्मियों ने आवश्यकता पड़ने पर समन्वित बचाव, राहत और सहायता अभियानों में योगदान दिया है।
राज्यपाल की सराहना पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण पर गठन के निरंतर ध्यान को भी मान्यता देती है। विभिन्न पहलों और पूर्व सैनिक समुदाय के साथ संवाद के माध्यम से उत्तराखंड सब एरिया पूर्व सेवा कर्मियों को संस्थागत सहयोग सुनिश्चित करने की दिशा में काम करता रहा है।
नागरिक-सैन्य समन्वय भी गठन की जिम्मेदारियों का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है। नागरिक प्रशासन के साथ निकट सहयोग आपात स्थितियों में बेहतर समन्वय सक्षम करता है और उत्तराखंड की जनता को प्रभावित करने वाली परिस्थितियों पर विभिन्न एजेंसियों की प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करता है।
यह सम्मान गठन की उस भूमिका को भी दर्शाता है जिसमें वह संचालनगत तैयारियों को बनाए रखते हुए स्थानीय आबादी और पूर्व सैनिक समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करता है।
राज्यपाल की सराहना प्राप्त करते हुए मेजर जनरल एमपीएस गिल ने उस गठन का प्रतिनिधित्व किया, जिसका कार्य पारंपरिक सैन्य जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर संचालनगत तत्परता, मानवीय सहायता, सामुदायिक समर्थन और प्रभावी नागरिक-सैन्य समन्वय को जोड़ता है।
यह सम्मान उत्तराखंड सब एरिया के अधिकारियों, सैनिकों और कर्मियों की निष्ठा तथा पेशेवर दक्षता का प्रमाण है और देवभूमि की जनता की सेवा के प्रति उनके समर्पण, दृढ़ता और उत्कृष्टता की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।