हैदराबाद, 9 अक्टूबर 2026: बेगमपेट पुलिस ने बिहार के एक निवासी को हिरासत में लिया है, जिसे सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में भारतीय वायु सेना की वर्दी पहने हुए पाया गया था। जांच अधिकारियों के अनुसार उस पर सोशल मीडिया पर तस्वीरों का उपयोग कर महिलाओं का विश्वास जीतने का संदेह है।
पुलिस के अनुसार, उसकी पहचान बिहार मूल के नितेश कुमार पाल के रूप में बताई गई है, जो हैदराबाद में एक डिलीवरी एजेंट के रूप में काम कर रहा था और नेरडमेट में रह रहा था। द टाइम्स ऑफ इंडिया ने बेगमपेट पुलिस के हवाले से आरोपी का नाम नितिन बताया, जबकि कुछ रिपोर्टों में नितीश कुमार और नितेश कुमार पॉल भी लिखा गया है। पुलिस ने उसकी उम्र सार्वजनिक नहीं की है।
परेड ग्राउंड में पकड़ा गया
द डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार, बेगमपेट पुलिस ने बताया कि उसे 7 अक्टूबर को लगभग 1:45 बजे सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड के पास पकड़ा गया। वह वर्दी में मैदान के भीतर आया था और तस्वीरें ले रहा था। ड्यूटी पर तैनात सैन्यकर्मियों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे रोका गया और पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि वह वायु सेना का अधिकारी नहीं था। इसके बाद उसे बेगमपेट पुलिस के हवाले कर दिया गया।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में, जिसे गुरुवार की हिरासत से जोड़ा गया, रोकथाम का अधिक विस्तृत विवरण दिया गया है। परेड ग्राउंड में तैनात सेना सुरक्षा कर्मियों ने उसे वायु सेना की वर्दी में देखा। पहले वह सेवारत अधिकारी जैसा लगा, लेकिन पूछताछ के दौरान उसके जवाब संतोषजनक नहीं थे और वह घबरा गया। आगे घेरने पर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़कर काबू में किया गया और बेगमपेट पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह नागरिक है और वायु सेना अधिकारी बनकर पेश आ रहा था।
सोशल मीडिया से धोखाधड़ी का संदेह
बेगमपेट निरीक्षक पी. सैदुलु ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि वर्दी से एयर मार्शल और विंग कमांडर के रूप में पहचान का दिखावा हो रहा था।
उन्होंने कहा, “वर्दी को देखकर ऐसा अधिकारी अकेले मैदान में किसी आम आदमी की तरह नहीं घूमेगा। उसका इरादा सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालकर महिलाओं को धोखा देने का था। वह पिछले दो महीने से ऐसा कर रहा था। अब तक हमारे राज्य में कोई पीड़िता नहीं मिली है और यह जानकारी जुटाई जा रही है कि क्या उसने दूसरे राज्यों की किसी लड़की को भी ठगा है।”
द डेक्कन क्रॉनिकल ने बताया कि उसके फोन की जांच में सामने आया कि वह इंस्टाग्राम पर स्वयं को वायु सेना अधिकारी बताकर महिलाओं से दोस्ती कर रहा था। अधिकारियों को संदेह है कि वह परेड ग्राउंड पर ऐसी तस्वीरें लेने गया था, जिनका उपयोग वह और महिलाओं को प्रभावित करने तथा फंसाने के लिए कर सके। पुलिस ने कहा कि उसके सोशल मीडिया खातों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने दूसरे राज्यों की महिलाओं को ठगा या ठगने की कोशिश की। अब तक तेलंगाना से किसी पीड़िता की पहचान नहीं हुई है और उपलब्ध विवरणों में किसी आर्थिक नुकसान की सूचना नहीं है।
बेगमपेट पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है। रिपोर्टों में लागू की गई धाराओं का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
जो अभी स्पष्ट नहीं है
पुलिस ने यह नहीं बताया है कि वर्दी कैसे हासिल की गई, क्या एक से अधिक वर्दी बरामद हुई, या क्या किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया गया था। यह भी पुष्टि नहीं की गई है कि आरोपी से जुड़ी कोई वित्तीय धोखाधड़ी पूरी हुई थी या नहीं। कथित तौर पर दो महीने तक की गई पहचान छुपाने की हरकत, वर्दी से संकेतित रैंक और इंस्टाग्राम संपर्क पुलिस जांच के निष्कर्ष बताए गए हैं और उनकी पुष्टि अभी बाकी है।
यह मामला सितंबर 2026 में राजकोट में प्रतीक भारद्वाज की गिरफ्तारी से अलग है। प्रतीक भारद्वाज एक ट्रैवल एजेंसी कर्मचारी था, जिस पर इंस्टाग्राम पर स्क्वाड्रन लीडर और सूर्यकिरण एरोबैटिक्स टीम का सदस्य बनकर दिखने तथा वायु सेना में भर्ती का झांसा देकर एक महिला से 1.95 लाख रुपये लेने का आरोप था।
भारतीय वायु सेना में भर्ती केवल अधिसूचित आधिकारिक माध्यमों से होती है। सेवारत अधिकारी वर्दी की तस्वीरों के आधार पर बने सोशल मीडिया खातों के जरिए पैसे, दस्तावेज या व्यक्तिगत संबंधों की मांग नहीं करते। ऐसे किसी भी संपर्क पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक वायु सेना या पुलिस माध्यमों से सत्यापन करने और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी जाती है।