भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट ने हिमालय की कठिन ऊंची चोटियों में से एक, 7,274 मीटर ऊंचे माउंट मना पर एक बड़े पर्वतारोहण अभियान की शुरुआत की है।
गढ़वाल रेजिमेंटल पर्वतारोहण अभियान को ब्रिगेडियर विनोद नेगी, विशिष्ट सेवा पदक, केंद्र कमांडेंट ने औपचारिक रूप से रवाना किया। इसके साथ ही सैनिकों की चुनौतीपूर्ण यात्रा का आगाज हुआ, जो उन्हें दुर्गम हिमालयी भूभाग से होकर ले जाएगी।
इस अभियान में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट की सहायक बटालियनों से आए 31 पर्वतारोही शामिल हैं। टीम माउंट मना पर चढ़ाई का प्रयास करेगी और इस दौरान अत्यंत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में काम करने के लिए आवश्यक शारीरिक सहनशक्ति, तकनीकी पर्वतारोहण कौशल और टीम भावना का प्रदर्शन करेगी।
गढ़वाल हिमालय में स्थित माउंट मना पर्वतारोहियों के सामने कठिन भूभाग, कठोर मौसम और 7,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर संचालन से जुड़ी चुनौतियां प्रस्तुत करता है।
भाग लेने वाले सैनिकों के लिए यह अभियान साहस, सहनशक्ति, नेतृत्व और दृढ़ संकल्प की परीक्षा साबित होगा। ऐसे अभियानों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आवाजाही, जीवित रहने की क्षमता और कठिन परिस्थितियों में टीमवर्क का बहुमूल्य अनुभव भी मिलता है।
भारतीय सेना में साहसिक गतिविधियों, विशेषकर पर्वतारोहण अभियानों को बढ़ावा देने की लंबी परंपरा रही है, ताकि उसके कर्मियों में नेतृत्व, धैर्य तथा शारीरिक और मानसिक मजबूती विकसित हो सके।
माउंट मना अभियान गढ़वाल राइफल्स की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाता है, जो अपने साहस और विशिष्ट सैन्य सेवा के लिए जानी जाती है।
31 सदस्यीय टीम जब 7,274 मीटर ऊंची चोटी की ओर अपनी यात्रा शुरू करती है, तो यह अभियान रेजिमेंट की उस स्थायी भावना का प्रतीक है, जो कठिन चुनौतियों को स्वीकार करने और ऐसे भूभाग में जाने से नहीं हिचकती, जहां बहुत कम लोग पहुंचने का साहस करते हैं।