नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में 29 सितंबर 2026 को साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक पुस्तक प्रस्तुति कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर चार लेखकों और एक कलाकार ने अपने प्रकाशन और कलाकृतियाँ थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को भेंट कीं।
टैगोर इंटरनेशनल स्कूल, नई दिल्ली के कक्षा 11 के विद्यार्थी सिद्धांत कुमार ने ‘गार्डियंस इन द गेल: द अनसंग ब्रीथ ऑफ़ हीरोज’ प्रस्तुत की। यह 21 कविताओं का संग्रह है, जिसमें भारत के सशस्त्र बलों के साहस और बलिदान को रेखांकित किया गया है।
कर्नल मनीष मिश्रा ने ‘गुरज़ेक: लाइफ, लीडरशिप एंड द फ्रोजन फ्रंट’ प्रस्तुत की। यह सैन्य कथा उच्च पर्वतीय क्षेत्र में नेतृत्व, दृढ़ता और कमान के विषयों पर आधारित है।
लेखक और फिल्मकार सुहैल सईद लोन ने ‘ब्रेकिंग द साइलेंस-द ट्रुथ ऑफ टेरर’ प्रस्तुत की। यह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, उसके मानवीय नुकसान और शांति की निरंतर तलाश पर एक व्यक्तिगत चिंतन है।
कर्नल लक्ष्यजीत सिंह चौहान (सेवानिवृत्त) ने ‘विंग्स ऑफ अस्त्र: डिज़ाइनिंग द फ्यूचर ऑफ इंडिजिनस ड्रोन’ प्रस्तुत की। इसमें स्वदेशी ड्रोन क्षमताओं को विकसित करने और उन्हें परिचालन की दृष्टि से प्रासंगिक बनाने पर व्यावहारिक दृष्टिकोण रखा गया है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित सरकारी उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक और राष्ट्रीय स्तर के स्केच कलाकार श्री सुरजीत ठाकुर ने थल सेनाध्यक्ष को एक हस्तनिर्मित स्केच भेंट किया।
कार्यक्रम में कविता, सैन्य कथा, व्यक्तिगत चिंतन, रक्षा प्रौद्योगिकी और दृश्य कला से जुड़े विभिन्न रचनात्मक कार्य सामने आए। इनमें सैन्य सेवा, नेतृत्व, साहस, बलिदान, दृढ़ता, शांति और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं जैसे विषय शामिल रहे।
थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने इस आयोजन में प्रस्तुत साहित्यिक और रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सीखने की संस्कृति और व्यावसायिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में ऐसे प्रयासों की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी लेखकों और कलाकार के योगदान को सराहा गया। साथ ही उनके कार्यों को सीखने और व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए प्रेरक बताया गया।