मुख्यालय रखरखाव कमान, नागपुर में 17 सितंबर 2026 को वायु वीरों और निकटतम परिजनों के साथ कमान-स्तरीय संवाद आयोजित किया गया। इस अवसर ने पूर्व सैनिकों और कर्मियों के परिवारों को अपनी चिंताएँ सामने रखने और भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ नेतृत्व से सीधे बातचीत करने का मंच प्रदान किया।
इस संवाद की अध्यक्षता एयर मार्शल यल्ला उमेश, वीएसएम, पीएचडी, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, रखरखाव कमान ने की। यह पहल वायु वीरों और निकटतम परिजनों की समस्याएँ सुनने, उनके समाधान को आसान बनाने और भारतीय वायु सेना तथा उसके पूर्व सैनिक समुदाय के बीच संस्थागत संबंध को मजबूत करने पर केंद्रित रही।
इस अवसर पर एयर मार्शल यल्ला उमेश ने विंग कमांडर एसके जैन (सेवानिवृत्त), मानद फ्लाइंग ऑफिसर एमएस चौहान (सेवानिवृत्त) और स्वर्गीय वारंट ऑफिसर मारोती येओले की पत्नी श्रीमती संजीवनी येओले को सम्मानित किया। इन सभी को राष्ट्र के प्रति समर्पित सेवा और भारतीय वायु सेना से उनके जुड़ाव के लिए मान्यता दी गई।
ऐसे संवाद पूर्व सैनिकों और निकटतम परिजनों को अपनी बात सीधे वरिष्ठ कमांडरों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण अवसर देते हैं। व्यक्तिगत मुद्दों के समाधान के साथ-साथ ये पहल सेवा में कार्यरत कर्मियों, पूर्व सैनिकों और सेवा दे चुके परिवारों के बीच निरंतर संबंध को भी मजबूत करती है।
इस संवाद में पूर्व सैनिक समुदाय के लिए मजबूत सहायता तंत्र बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया गया। पूर्व सैनिक भारतीय वायु सेना के व्यापक परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं, जबकि सेवा में कार्यरत और दिवंगत कर्मियों के परिवार तथा निकटतम परिजन सेवा के संस्थागत सहायता ढाँचे का महत्वपूर्ण अंग बने रहते हैं।
रखरखाव कमान भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता को बनाए रखने में रखरखाव और तकनीकी सहायता के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी संस्थागत पृष्ठभूमि में नागपुर स्थित मुख्यालय पर हुआ यह संवाद कमान नेतृत्व और पूर्व सैनिक समुदाय के सदस्यों को सेवा, कल्याण और संपर्क के केंद्र में एक साथ लेकर आया।
पूर्व सैनिकों और श्रीमती संजीवनी येओले को सम्मानित किया जाना सैन्य सेवा से जुड़ी उपलब्धियों और बलिदानों की भी पहचान थी। इस प्रकार का सम्मान संस्था और उन लोगों के बीच संबंध को बनाए रखने में मदद करता है, जिन्होंने अपनी सेवा अवधि में इसकी परिचालन और संगठनात्मक शक्ति में योगदान दिया।
17 सितंबर को मुख्यालय रखरखाव कमान में हुआ यह संवाद समर्पित सेवा की मान्यता और पूर्व सैनिक तथा परिवार संबंधी चिंताओं पर व्यावहारिक चर्चा, दोनों का संगम रहा। इसने भारतीय वायु सेना की अपने विस्तृत सेवा समुदाय से जुड़े रहने की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।