नई दिल्ली, 31 जुलाई: भारतीय सेना ने चंडीगढ़ विद्या ज्योति एजुверсिटी (वीजेईएस) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि सेवा में कार्यरत सेना कर्मियों, पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें। यह समझौता दक्षिण ब्लॉक, नई दिल्ली स्थित रक्षा मंत्रालय में किया गया।
इस साझेदारी का उद्देश्य छात्रवृत्ति, करियर-केंद्रित कार्यक्रमों, नेतृत्व विकास और कौशल आधारित शिक्षा के जरिए गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है। यह कदम सेवारत कर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों के शिक्षा और भविष्य को लेकर भारतीय सेना की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
समझौते के तहत चंडीगढ़ विद्या ज्योति एजुversिटी सेवा में कार्यरत सशस्त्र बल कर्मियों, पूर्व सैनिकों और शहीदों के आश्रितों को अधिकतम 60 प्रतिशत तक की छात्रवृत्ति देगी। इस योजना का मकसद रक्षा परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना और विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस पहल के अंतर्गत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों को सरकारी विश्वविद्यालय की डिग्री योजनाओं, अनुभवी शिक्षकों, आधुनिक छात्रावास सुविधाओं, करियर परामर्श, प्लेसमेंट सहायता और सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों से मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा। संस्थान का लक्ष्य विद्यार्थियों को वह शैक्षणिक ज्ञान, नेतृत्व कौशल और व्यावहारिक अनुभव देना है, जो देश और विदेश में सफल करियर बनाने में सहायक हो।
विश्वविद्यालय में आतिथ्य और पर्यटन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सूचना प्रौद्योगिकी, व्यवसाय प्रबंधन, वाणिज्य, पुलिस और लोक प्रशासन, स्वास्थ्य विज्ञान, मीडिया और डिजिटल संचार, डिज़ाइन, फैशन, आंतरिक सज्जा और रचनात्मक कला में डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम उपलब्ध हैं। इन्हें उभरती उद्योग आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर राज कुमार, अतिरिक्त महानिदेशक, भारतीय सेना ने कहा कि सैनिकों का कल्याण उनकी सेवा अवधि के बाद भी जारी रहता है और इसमें उनके परिवारों की शिक्षा, आकांक्षाएं तथा भविष्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ विद्या ज्योति एजुversity के साथ यह साझेदारी सेवारत कर्मियों, पूर्व सैनिकों और शहीदों के आश्रितों के लिए उच्च शिक्षा, व्यावसायिक कार्यक्रमों और नेतृत्व विकास तक पहुंच बढ़ाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सेना उन संस्थानों को महत्व देती है जो अनुशासन, उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उनके अनुसार यह सहयोग अगली पीढ़ी के लिए सार्थक अवसर पैदा करेगा।
चंडीगढ़ विद्या ज्योति एजुversity के निदेशक डॉ. डी. जे. सिंह ने इस समझौते को केवल शैक्षणिक सहयोग नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार और जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान सशस्त्र बल कर्मियों के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नेतृत्व प्रशिक्षण और करियर-केंद्रित कार्यक्रम उपलब्ध कराकर सहयोग करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह शिक्षा विद्यार्थियों को भविष्य के पेशेवर, प्रशासक, उद्यमी और रक्षा नेतृत्व के रूप में तैयार करने में सहायक होगी। विश्वविद्यालय का जोर नेतृत्व विकास, अनुशासन और राष्ट्रीय सेवा पर भी है।
विद्यार्थियों को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही, उन्हें यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस), एएफसीएटी, सीएपीएफ और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए संरचित तैयारी भी कराई जाएगी।
संस्थान सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) साक्षात्कार की विशेष तैयारी भी कराता है, जिसमें ग्रुप टेस्टिंग ऑफिसर (जीटीओ) ग्राउंड, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम, संचार कौशल प्रशिक्षण और वरिष्ठ सशस्त्र बल पूर्व सैनिकों का मार्गदर्शन शामिल है। इन पहलों का उद्देश्य रक्षा परिवारों के अधिक युवाओं को सशस्त्र बलों और लोक सेवा में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है।
यह सहयोग चंडीगढ़ विद्या ज्योति एजुversity की उस दृष्टि को भी समर्थन देता है, जिसके तहत वह भारत का पहला नागरिक और सशस्त्र बल तैयारी महाविद्यालय बनने की दिशा में काम कर रही है। संस्थान का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ सैन्य मूल्य, नेतृत्व प्रशिक्षण, शारीरिक फिटनेस और राष्ट्रीय सेवा को जोड़ा जाए।
भारतीय सेना और वीजेईएस की यह साझेदारी सैकड़ों सशस्त्र बल परिवारों को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है। विशेष छात्रवृत्ति योजना के तहत 2026 शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश अब खुले हैं, जो देश के सैन्य परिवारों की अगली पीढ़ी के लिए शैक्षिक अवसरों को मजबूत करने की एक नई पहल है।