नोएडा, 30 अक्टूबर 2026: आईपीएस अधिकारी प्रीति यादव को नोएडा जोन-1 की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) नियुक्त किया गया है। वह गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के इस जोन की पहली महिला डीसीपी हैं। प्रीति उत्तर प्रदेश कैडर की 2019 बैच की अधिकारी हैं।
गौतम बुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने जिले की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत यह नियुक्ति की है। प्रीति यादव, 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी साद मियां खान की जगह लेंगी। गौतम बुद्ध नगर में चार वर्ष से अधिक समय तक तैनात रहे साद मियां खान का तबादला आगरा कमिश्नरेट किया गया है।
प्रीति यादव का जन्म 10 अप्रैल 1996 को हरियाणा के रेवाड़ी में हुआ था। उनके पिता मुकेश यादव ने चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल के पद से सेवा शुरू की और बाद में पदोन्नति पाई। पिता को वर्दी में काम करते देखकर ही प्रीति में पुलिस अधिकारी बनने और जनसेवा करने की इच्छा जगी।
पढ़ाई में उनका प्रदर्शन शुरू से अच्छा रहा। उन्होंने 12वीं की मानविकी संकाय की परीक्षा में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद भूगोल में बीए ऑनर्स किया और विश्वविद्यालय में शीर्ष स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
सिविल सेवा की तैयारी पर पूरा ध्यान देने के लिए उन्होंने स्नातकोत्तर की पढ़ाई बीच में छोड़ दी। महज 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा पास की। अखिल भारतीय स्तर पर 466वीं रैंक हासिल करने के बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ। उन्होंने 26 अगस्त 2019 को सेवा में प्रवेश किया।
प्रशिक्षण के बाद प्रीति यादव की पहली मैदानी तैनाती उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के रूप में हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस की विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। गौतम बुद्ध नगर कमिश्नरेट में वह महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और जनसुरक्षा से जुड़े काम देख चुकी हैं।
पुलिस सेवा में उनके काम के लिए गणतंत्र दिवस 2023 पर उन्हें पुलिस महानिदेशक की रजत प्रशंसा डिस्क से सम्मानित किया गया। वर्ष 2025 में नोएडा लोक मंच ने भी जनसेवा में उनके योगदान के लिए उन्हें महिला श्री सम्मान दिया।
पेशेवर जिम्मेदारियों के अलावा प्रीति यादव की रुचि चित्रकला, कला और यात्रा में है। उनकी पहचान शांत स्वभाव और लोगों से सहजता से मिलने वाली अधिकारी के रूप में रही है।
नोएडा जोन-1 की डीसीपी के तौर पर उनके जिम्मे कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों की रोकथाम, लोगों की सुरक्षा और नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण होगा।