लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वात्स, वाईएसएम, एसएम, वीएसएम, राष्ट्रीय कैडेट कोर के महानिदेशक ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच राज्य में एनसीसी की उपस्थिति को मजबूत करने और उसका विस्तार करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य केंद्र उत्तराखंड में राष्ट्रीय कैडेट कोर की पहुंच बढ़ाना रहा, विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों, दूरदराज के क्षेत्रों और उन इलाकों में जहां संगठित युवा विकास कार्यक्रमों की पहुंच सीमित है। चर्चा में आधुनिक ढांचे, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और अधिक छात्रों को समायोजित करने के लिए एनसीसी इकाइयों के विस्तार की आवश्यकता पर भी बात हुई।
लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वात्स ने सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में नई एनसीसी इकाइयां स्थापित करने तथा मौजूदा संरचनाओं के विस्तार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से भौगोलिक रूप से अलग-थलग क्षेत्रों के अधिक युवा संगठन से जुड़ सकेंगे और अनुशासन, नेतृत्व, शारीरिक फिटनेस तथा राष्ट्र सेवा से संबंधित प्रशिक्षण का लाभ उठा सकेंगे।
महानिदेशक ने मुख्यमंत्री को राज्य के लिए एनसीसी की भावी योजनाओं की भी जानकारी दी। इनमें आधुनिक प्रशिक्षण ढांचे का विकास, मौजूदा सुविधाओं को मजबूत करना और कैडेटों तथा प्रशिक्षकों के लिए उपलब्ध संसाधनों में सुधार शामिल है।
बैठक में उत्तराखंड में एक एनसीसी अकादमी स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावित अकादमी संस्थागत प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास, साहसिक गतिविधियों, शारीरिक तैयारी और कैडेटों के लिए विशेष शिविरों की समर्पित सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है।
ऐसी अकादमी राज्य भर में कार्यरत एनसीसी इकाइयों के लिए एक केंद्रीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी काम कर सकती है। इससे प्रशिक्षण पद्धतियों में एकरूपता आएगी और विभिन्न संरचनाओं के बीच समन्वय बेहतर होगा। उत्तराखंड के लिए एक स्थायी प्रशिक्षण संस्था का विकास विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां की मजबूत सैन्य परंपरा और बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो सशस्त्र बलों तथा अन्य वर्दीधारी सेवाओं में शामिल होना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व और सेवा-भाव को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
धामी ने राष्ट्रीय कैडेट कोर को एक प्रतिष्ठित युवा संगठन बताया, जो राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। उनके अनुसार, एनसीसी प्रशिक्षण से छात्रों में राष्ट्रीय चरित्र, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित होती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संगठन युवाओं को सामुदायिक सेवा, आपदा प्रतिक्रिया, साहसिक गतिविधियों, राष्ट्रीय एकीकरण शिविरों और संगठित नेतृत्व कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर देता है। इन अनुभवों से कैडेट जिम्मेदार नागरिक बनते हैं और समाज में सकारात्मक योगदान देने में सक्षम होते हैं।
उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में एनसीसी का विस्तार रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में युवाओं की भागीदारी को भी मजबूत करेगा। संगठित प्रशिक्षण और रचनात्मक अवसर उपलब्ध कराकर नई एनसीसी इकाइयां दूरस्थ समुदायों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों और संस्थानों से जोड़ सकती हैं।
उत्तराखंड की पर्वतीय भौगोलिक स्थिति और बिखरी हुई आबादी के कारण प्रशिक्षण सुविधाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना अक्सर चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में एनसीसी इकाइयों और ढांचे का प्रस्तावित विस्तार शहरी केंद्रों और दूरस्थ जिलों के बीच की दूरी को कम करने में मदद कर सकता है।
चर्चा में आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप एनसीसी कैडेटों को सक्षम बनाने के महत्व पर भी जोर दिया गया। बेहतर ढांचा आपदा प्रबंधन, संचार, साइबर जागरूकता, प्राथमिक उपचार, शारीरिक फिटनेस और नेतृत्व विकास से जुड़ी गतिविधियों में सहायता कर सकता है।
राष्ट्रीय कैडेट कोर लंबे समय से युवाओं को राष्ट्र सेवा और सामुदायिक विकास से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। इसकी प्रशिक्षण प्रणाली सैन्य अभिमुखता और चरित्र निर्माण गतिविधियों का संयोजन है, जिससे कैडेट समयपालन, टीम भावना, साहस, जिम्मेदारी और विविधता के प्रति सम्मान जैसे गुण विकसित करते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वात्स और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह बैठक उत्तराखंड में एनसीसी गतिविधियों के प्रस्तावित विस्तार को नई गति देने वाली मानी जा रही है। प्रस्तावित पहलें विशेष रूप से सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले हजारों छात्रों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं।
दोनों पक्षों ने राज्य में संगठन की पहुंच और ढांचे को मजबूत करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रस्तावित एनसीसी अकादमी, नई इकाइयों की स्थापना और प्रशिक्षण सुविधाओं के आधुनिकीकरण को उत्तराखंड में युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।