लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी), उत्तरी कमान और मद्रास रेजिमेंट के कर्नल, ने तमिलनाडु के वेलिंगटन स्थित मद्रास रेजिमेंटल सेंटर की अपनी पहली यात्रा की। इस दौरान उन्होंने केंद्र के प्रशिक्षण मानकों, आधारभूत ढांचे के विकास और कल्याणकारी पहलों की समीक्षा की।
यात्रा की शुरुआत सेना कमांडर ने मद्रास रेजिमेंटल सेंटर युद्ध स्मारक पर रेजिमेंट के वीरों को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने मद्रास रेजिमेंट के उन सैनिकों के सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित किया, जिन्होंने राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया।
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों, अन्य रैंकों और अग्निवीरों से भी बातचीत की। उन्होंने उनकी पेशेवर दक्षता, अनुशासन और भारतीय सेना की सबसे पुरानी तथा सबसे अलंकृत पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक की गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखने की प्रतिबद्धता की सराहना की।
इस दौरान उन्हें केंद्र की प्रशिक्षण पद्धति, चल रहे प्रशासनिक आधारभूत ढांचा प्रोजेक्टों और प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा समग्र कार्यकुशलता बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई। उन्होंने प्रशिक्षण सुविधाओं के आधुनिकीकरण की भी समीक्षा की, जिन्हें बदलते परिचालन परिवेश के अनुरूप सैनिकों को तैयार करने के लिए विकसित किया जा रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए लागू की जा रही विभिन्न कल्याणकारी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। भारतीय सेना सेवा निवृत्त कर्मियों और सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों के कल्याण पर निरंतर विशेष बल देती रही है।
उत्तरी कमान के सेना कमांडर ने सभी रैंकों की सराहना करते हुए मद्रास रेजिमेंटल सेंटर में बनाए गए उच्च प्रशिक्षण मानकों, प्रशासन और रेजिमेंटल परंपरा की प्रशंसा की। उन्होंने केंद्र को ऐसे सैनिक तैयार करने के लिए सराहा जो पेशेवर रूप से सक्षम, अनुशासित और युद्ध के लिए तैयार हों।
वेलिंगटन, नीलगिरि स्थित मद्रास रेजिमेंटल सेंटर ऐतिहासिक मद्रास रेजिमेंट का रेजिमेंटल प्रशिक्षण संस्थान है, जो भारतीय सेना की सबसे पुरानी पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक है। प्री-इंडिपेंडेंस काल से लेकर अनेक अभियानों में विशिष्ट सेवा के लिए जानी जाने वाली इस रेजिमेंट ने पारंपरिक युद्ध, आतंकवाद-रोधी अभियानों और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में साहस, पेशेवर दक्षता और परिचालन उत्कृष्टता की विशेष पहचान बनाई है।
मद्रास रेजिमेंट के कर्नल के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के पास रेजिमेंट की परंपराओं को संरक्षित करने, रेजिमेंटल भावना को सुदृढ़ करने और सेवारत तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के कल्याण को आगे बढ़ाने की औपचारिक जिम्मेदारी है। उनकी यह यात्रा रेजिमेंट के नेतृत्व और उन सैनिकों के बीच घनिष्ठ संबंध को रेखांकित करती है, जो इसकी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
यह पहली यात्रा सेना कमांडर के इस आश्वासन के साथ संपन्न हुई कि मद्रास रेजिमेंट परिचालन उत्कृष्टता, पेशेवर क्षमता और राष्ट्र के प्रति निःस्वार्थ सेवा के अपने संकल्प पर कायम है। सैनिकों से उनकी बातचीत, प्रशिक्षण सुविधाओं की समीक्षा और पूर्व सैनिक कल्याण पर ध्यान भारतीय सेना के उस समग्र दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें भविष्य के लिए तैयार बल का निर्माण करते हुए रेजिमेंट की परंपराओं और मूल्यों का सम्मान भी किया जाता है।