दक्षिणी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम ने सिकंदराबाद सैन्य स्टेशन का दौरा किया और बाइसन डिवीजन तथा तेलंगाना एवं आंध्र सब एरिया (टीएएसए) की परिचालन तैयारियों और क्षमता विकास पहलों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर को इन संरचनाओं की मिशन तैयारी, प्रशिक्षण पहलों, उभयचर क्षमताओं और सैन्य अभियानों में आधुनिक तकनीक के एकीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। उन्हें उन उपायों के बारे में भी अवगत कराया गया, जिनका उद्देश्य परिचालन प्रभावशीलता को बढ़ाना और तैयारियों के उच्च स्तर को बनाए रखना है।
आर्मी कमांडर ने संरचनाओं की तैयारियों का आकलन किया और बदलती परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर क्षमता विकास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कर्मियों द्वारा प्रदर्शित पेशेवरता, समर्पण और उच्च प्रदर्शन मानकों की सराहना की।
दौरे के हिस्से के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने सिकंदराबाद सैन्य स्टेशन में ई-बाइक सुविधा का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य स्टेशन के भीतर टिकाऊ आवागमन को बढ़ावा देना और सैन्य प्रतिष्ठान में स्मार्ट ढांचे तथा ऊर्जा दक्ष प्रथाओं को प्रोत्साहित करना है।
ई-बाइक सुविधा सेना के उन व्यापक प्रयासों को दर्शाती है, जिनमें सैन्य स्टेशनों के भीतर पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी प्रथाओं और टिकाऊ विकास पर जोर दिया जा रहा है। ऐसी पहलों का मकसद स्वच्छ और अधिक दक्ष परिवहन साधनों को बढ़ावा देना तथा आधुनिक सैन्य ढांचे के विकास में सहयोग करना है।
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने कॉलेज ऑफ एयर वारफेयर में 50वें उच्चतर वायु कमान पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों को “भूमि शक्ति का विकास: भारतीय संदर्भ” विषय पर संबोधित भी किया।
अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान आर्मी कमांडर ने सशस्त्र बलों के बीच संयुक्तता और एकीकृत अभियानों के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने युद्ध के बदलते स्वरूप और बहु-क्षेत्रीय अभियानों के अनुरूप क्षमताएं विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
उन्होंने भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए समग्र राष्ट्र दृष्टिकोण के महत्व पर बल दिया। साथ ही उन्होंने क्षमता परिवर्तन और सशस्त्र बलों में तकनीक के अधिक एकीकरण की आवश्यकता भी बताई।
यह दौरा सिकंदराबाद सैन्य स्टेशन में संरचनाओं द्वारा किए जा रहे परिचालन तत्परता और दीर्घकालिक क्षमता विकास प्रयासों की समीक्षा का अवसर भी बना। लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने सभी रैंकों से गति बनाए रखने और परिचालन उत्कृष्टता तथा क्षमता संवर्धन के उच्च मानकों की दिशा में निरंतर कार्य करने का आग्रह किया।
आर्मी कमांडर की यह यात्रा इस बात को भी रेखांकित करती है कि दक्षिणी कमान मिशन तैयारी बनाए रखने के साथ-साथ प्रशिक्षण, तकनीकी एकीकरण, संयुक्तता और टिकाऊ सैन्य ढांचे को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।