मेजर जनरल हिमांशु भटनागर, अपर महानिदेशक सूचना प्रणाली, ने जबलपुर स्थित डिपो रेजिमेंट का दौरा किया और सक्रिय सैन्य सेवा से सेवानिवृत्ति की ओर बढ़ रहे कर्मियों से बातचीत की।
इस दौरान मेजर जनरल भटनागर ने अपने पूरे सेवाकाल में सैनिकों द्वारा दिखाए गए समर्पण, पेशेवर दक्षता और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने संगठन में उनके योगदान को स्वीकार किया और जीवन के अगले चरण के लिए तैयार होते समय जिम्मेदारी और गर्व की यही भावना बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह संवाद इस बात पर केंद्रित रहा कि सेवानिवृत्ति की ओर बढ़ रहे कर्मियों के लिए परिवर्तन की प्रक्रिया सुचारु और पर्याप्त सहयोग के साथ हो। कल्याण, सशक्तीकरण और पुनर्वास उपायों पर विशेष जोर दिया गया, ताकि वे सक्रिय सैन्य सेवा के बाद के जीवन के लिए आत्मविश्वास के साथ तैयारी कर सकें।
मेजर जनरल भटनागर ने कर्मियों को परिवर्तन की इस प्रक्रिया को आत्मविश्वास के साथ अपनाने और उपलब्ध कल्याण तथा पुनर्वास अवसरों का प्रभावी उपयोग करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी बल दिया कि कर्मियों को मिलने वाला सहयोग सक्रिय सेवा अवधि के बाद भी जारी रहना चाहिए।
इस दौरे ने सैनिकों के योगदान को पहचानने और उनके नागरिक जीवन में प्रवेश को गरिमा तथा पर्याप्त संस्थागत समर्थन के साथ सुनिश्चित करने के महत्व को भी रेखांकित किया।
यह संवाद मध्य भारत क्षेत्र के अपने कर्मियों के कल्याण पर निरंतर ध्यान और सैनिकों को उनकी सेवा के दौरान तथा सेवानिवृत्ति की ओर संक्रमण के समय मार्गदर्शन एवं सहायता देने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
डिमोबीज़ के साथ हुई यह बातचीत भारतीय सेना के कर्मी-कल्याण संबंधी व्यापक दृष्टिकोण को सामने लाती है, जिसके तहत देश की सेवा कर चुके लोगों को निरंतर सहयोग, सशक्तीकरण और आत्मविश्वास तथा गरिमा के साथ आगे बढ़ने के अवसर दिए जाते हैं।